अगर सरकार भ्रष्टाचार रोक नहीं सकती तो घूसखोरी की दर ही तय कर दे?:झारखण्ड क्रांति मंच

अगर सरकार भ्रष्टाचार रोक नहीं सकती तो घूसखोरी की दर ही तय कर दे?:झारखण्ड क्रांति मंच

झारखण्ड क्रांति मंच के केन्द्रीय अध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने मेदिनीनगर में प्रेस बयान जारी कर कहा है कि अगर हेमन्त सरकार भ्रष्टाचार पर रोक नहीं लगा सकती तो सरकारी अधिकारियों/कर्मचारियों का वेतन बंद कर हर काम के लिए घुसखोरी(भ्रष्टाचार)की दर का चार्ट दफ्तरों में टांग दें।
जारी बयान में उन्होंने कहा है कि सरकार चाहे एनडीए की हो अथवा इंडिया गठबंधन की हो हर सरकार में भारी रकम लेकर अधिकारियों/कर्मचारियों की ट्रांसफर/पोस्टिंग की भ्रष्ट प्रक्रिया अपनाई जाती रही है,यही कारण है कि अधिकारी/कर्मचारी रिश्वतखोरी को अपना अभिन्न धर्म बतलाकर उपर तक हिस्सा पहुंचाने की शेखी बघारते हुये जनता को जहां मन है, वहां जाने की खूलेआम सलाह भी देते हैं।
आज अगड़े व पिछड़े वर्गों में बंटी हुई जनता भी अपनी सुविधा व जाति/दल के हिसाब से महाभ्रष्टों में महानायक ढुंढ रही है?आज अपराधियों व भ्रष्टाचारियों की नायक पूजा की संस्कृति को ना केवल सत्ताधारी दल वाले बल्कि विपक्ष की सारी पार्टियां व जनप्रतिनिधि भी खूलेआम समर्थन दे रहे हैं,वैसी स्थिति में जबकि सत्तापक्ष व विपक्ष की मौन स्वीकृति जगजाहिर है, विधानसभा के आगामी शीतकालीन सत्र में भ्रष्टाचार को शिष्टाचार बनाने सम्बंधित विधेयक लाकर सरकारी अधिकारियों/कर्मचारियों का वेतन बंद कर घुसखोरी की रेट तय कर सभी कार्यालयों में घुसखोरी यानी सम्मानजनक भाषा में सुविधा शुल्क की चार्ट लगवा देनी चाहिए।
वैसे भी झारखण्ड में इंडिया गठबंधन ने मईयां सम्मान के नाम पर 2500 तो एनडीए ने महिला रोजगार सृजन के नाम पर 10000₹ वोट के लिए घूस देने की परम्परा शुरू कर घूसखोरी को लोक जीवन में मान्यता प्रदान कर दिया है!