“पलामू की उपराजधानी की मांग—एक सपना अपनी मिट्टी के लिए”
कल राँची महानगर में झारखंड प्रदेश के एक वरिष्ठ पत्रकार महोदय जी ने अपने अवास पर छठी माई की प्रसाद ठेकुआ खाने के लिए बुलाया था !!
उन्होंने मुझसे पूछा कि मुझे मेरा सम्मान के साथ नाम लेकर की तुम्हें मैं देख रहा हूँ कि तुम जिस तरह से पिछले झारखण्ड विधानसभा चुनाव के समय से ही तुम मुखरता से पलामू प्रमण्डल के तरफ से पलामू को उपराजधानी बनाने को लेकर जो संघर्ष कर रहे हो उसमें क्या तुम्हारा साथ पलामू के नेता लोग साथ देंगे क्योंकि यह लड़ाई बहुत बड़ी है !
मैंने भी मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि यह लड़ाई सिर्फ़ Arbind Kr Tiwary का नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के ख़ातिर है !!
उन्होंने मुझे मुस्कुराते हुए जवाब दिया और कहा कि तुम एक दिन ज़रूर राज्य के बड़े आंदोलनकारियों के रूप में सामने आओगे !!
और एक न एक दिन पलामू प्रमंडल के सभी राजनीतिक पार्टियों के नेताओं को आपके माँगों को लेकर समर्थन करना पड़ेगा !!
क्योंकि तुमने तो चिनगारी 🧨 लगा दी है एक दिन देर से ही लेकिन जरूर कामयाबी मिलेगी मेरा शुभकामनाएँ है तुम्हारे लिए !!
मैंने तो अपनी मिट्टी के लिए एक छोटा सा प्रयास करने के लिए सपना देखा है !!

