महुआडांड प्रखण्ड मुख्यालय स्थित बैगई जमीन पर किये जा रहे अवैध कब्जे को लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने लिया संज्ञान, 15 दिन के अंदर लातेहार उपायुक्त से मांगा जवाब।

लातेहार जिला के महुआडांड़ प्रखण्ड के ग्राम अम्बवाटोली स्थित बैगई जमीन रकबा 2 एकड़ 40 डिसमिल को सरना आदिवासी एकता विकाश मंच के द्वारा घेराबन्दी किये जाने एवं सरना भवन बनाने को लेकर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने संज्ञान लेते हुए 15 दिन के अंदर लातेहार उपायुक्त से जवाब दाखिल करने को कहा है। लातेहार उपायुक्त को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि जिला लातेहार के प्रखंड महुआडांड़ के ग्राम अमवाटोली का बैगई जमीन को ईसाई समर्थित सरना आदिवासी एकता विकास मंच के नाम पर जमीन पर कब्जा करने के संबंध में श्री कामेश्वर मुण्डा, अध्यक्ष, अनुमण्डल सह प्रखण्ड सरना समिति, ग्राम-सरनाडीह, पोस्ट-अक्सी, थाना- महुआडांड़, जिला-लातेहार (झारखंड) के द्वारा आवेदन दिया गया है। चूंकि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग को श्री कामेश्वर मुण्डा से दिनांक 03/09/2025 में एक याचिका शिकायत सूचना प्राप्त हुई है (प्रति संलग्न) और आयोग ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 338 क के अंतर्गत उसे प्रदत्त शक्तियों का अनुसरण करते हुए इस मामले का अन्वेषण जांच करने का निश्ध्य किया है। अतः आपसे एतद्द्वारा अनुरोध किया जाता है कि आप सूचना के प्राप्त होने के 15 दिन के अंदर अधोहस्ताक्षरी को डाक से या वैयक्तिक रूप से उपस्थित होकर या किसी अन्य संचार साधन से संबन्धित आरोपों मामलों और सूचनाओं पर की गई कार्यवाही से संबन्धित सूचना प्रस्तुत करें।
पत्र में आगे कहा गया है कि यदि नियत अवधि में आयोग को आपका उत्तर प्राप्त नहीं होता है तो आयोग भारत के संविधान के अनुच्छेद 338 क के अंतर्गत उसे प्रदत्त सिविल न्यायालय की शक्तियों का प्रयोग कर सकता है तथा वैयक्तिक रूप से या प्रतिनिधि के माध्यम से आयोग के समक्ष उपस्थित होने के लिए आपको ‘समन’ जारी कर सकता है।

जाने क्या है मामला?

महुआडांड़ अम्बवाटोली में वन विभाग कार्यालय के सामने बैगा कुल की भूमि पर सरना आदिवासी एकता विकाश मंच के कुछ लोगों के द्वारा जबरन घेराबन्दी करने का कार्य किया जा रहा था। इसे लेकर अम्बवाटोली ग्राम के बैगा पुरोहित सुलेमान बैगा ने थाने में आवेदन देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग किया था। दिये गए आवेदन में बैगा पुरोहित सुलेमान बैगा ने कहा था कि मैं हिन्दू समाज का बैगा पुरोहित हूँ तथा हिन्दू रिती-रिवाज के तहत सभी पूजा-पाठ एवं होलिका दहन का कार्य लगभग 40 वर्षों से कर रहा हूँ। अम्बवाटोली स्थित बैगई जमीन खाता संख्या 295, प्लाॅट 244 रकबा 2.40 एकड़ खतियान तेतरी बैगाईन पति मेघु बैगा के नाम से है। उक्त सभी भूमी को जोत-कोड़ करता हूँ। परंतु विजय नगेसिया, विनोद उरांव, प्रदीप उरांव सभी ग्राम महुआडांड के रहने वाले एवं अन्य लोगों के द्वारा मेरी जमीन पर ज़बर्दस्ती घेराबंदी एवं निर्माण कार्य किया जा रहा है। सो उपरोक्त लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जाय। पर प्रशासन के द्वारा इस पर कोई ठोस कदम नही उठाया गया एवं प्रथम पक्ष के लोगों पर हक 107 करते हुए उल्टे बैगा एवं सरना समाज के लोगों को ही बैगई जमीन पर जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। जिससे आक्रोशित होकर हिन्दू महासभा महुआडांड एवं सरना समाज के लोगों ने प्रशासन के खिलाफ अनिश्चितकालीन बंद का भी आयोजन किया गया था।

क्या कहते हैं अनुमण्डल सह प्रखण्ड सरना समिति महुआडांड के अध्यक्ष कामेश्वर मुण्डा।

इस संबंध में अनुमण्डल सह प्रखण्ड सरना समिति महुआडांड के अध्यक्ष कामेश्वर मुण्डा ने कहा कि र्मान्तरित समुदाय के इशारे पर कुछ इसाई समर्थित -सरना समाज के लोग उस जमीन को हथियाने का प्रयास कर रहे, जबकी ये जमीन बैगई है। सरना स्थल नहीं है। ये जमीन बैगा को भूत पुजा वास्ते बेलगान भारत सरकार की तरफ से बैगा को खेती बारी करने के लिए दिया गया है। अम्बवाटोली का मुख्य बैगा सुलेमान भुईहर (मुण्डा) पिता स्व. सुखन भुईहर (बैगा) है जो कि 40 वर्षों से बैगई कर रहे हैं। महुआडांड़ प्रखण्ड में 40 वर्षों से अनुमण्डल सह प्रखण्ड सरना समिति के नेतृत्व में सरहुल महोत्सव, कर्मा महोत्सव एव अन्य सरना महोत्सव का कार्यक्रम होता रहा है। 2024 से उक्त जमीन पर बैगा का भाई अल्बर्ट आईन्द के द्वारा उक्त जमीन को सरना आदिवासी एकता मंच को अपनी पत्नी के कहने पर मिशनरी समर्थित समिति को दे दिया गया एवं जमीन को कब्जे में करने के लिए वे लोग घेराबन्दी का कार्य करने लगे। जब हमने कार्य रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन को आवेदन दिया तो हम पर ही 107 कर दिया गया एवं स्थल पर जाने के लिए भी प्रतिबंधित कर दिया गया। इसी से दुखित होकर हमने राष्ट्रीय अ

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