जातिवाद के कलंक का शिकार हुये चीफ जस्टिस: झारखण्ड क्रांति मंच

जातिवाद के कलंक का शिकार हुये चीफ जस्टिस: झारखण्ड क्रांति मंच

झारखण्ड क्रांति मंच के केन्द्रीय अध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार शत्रु,पलामू जिलाध्यक्ष विजय राम व केन्द्रीय कमिटी के सदस्य कृष्णा राम ने संयुक्त प्रेस बयान जारी कर बामसेफ,बसपा व डीएसफोर के संस्थापक व समाजिक अभियांत्रिकी के प्रणेता मा०कांशी राम साहेब की 19 वीं पूण्यतिथि पर कोटि कोटि नमन व विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए केन्द्र सरकार से उन्हें भारत रत्न देने की मांग किया है।
इस अवसर पर जेके एम नेताओं ने कहा है कि आज 21 वीं शताब्दी में भी जातिवाद के कलंक से भारत पीडित है,जिसके कलंक का शिकार देश के सर्वोच्च न्यायालय के दलित प्रधान न्यायाधीश जस्टिस बी०आर० गवई जी सुरेश हैं।जब इतने मजबूत संविधान द्वारा इस देश के सर्वोच्च न्यायिक कुर्सी पर बैठे व्यक्ति के साथ ऐसा हो सकता है,तो फिर आम व निरीह दलितों के साथ क्या होगा?
बयान में नेताओं ने मा०कांशी राम साहेब जी को याद करते हुए कहा कि साहेब ने बहुजन समाज को ना केवल बैलेट बल्कि आवश्यकता पड़ने पर बुलेट का प्रयोग करने की भी बात की थी।आज निश्चित रूप से बहुत, बहन-बेटियों के सम्मान के साथ बाबा साहेब के संविधान की गरीमा बचाने के लिए हमें बुलेट की भी तैयारी शुरू कर देनी चाहिए, क्योंकि आज केन्द्रीय सत्ता में बैठे हुए संघी ही जानबूझकर सर्वोच्च न्यायिक पदों पर बैठे दलित-शोषित समाज पर जूते उतरवाकर अपनी घटिया मानसिकता का परिचय दे रहे हैं।