दीक्षांत समारोह की सुरक्षा के नाम पर छात्र नेता अभिषेक राज हिरासत में — लोकतांत्रिक आवाज़ दबाने का आरोप
प्रेस विज्ञप्ति
दिनांक: 6 अक्टूबर 2025
विषय: दीक्षांत समारोह की सुरक्षा के नाम पर एजेएसयू छात्र नेता अभिषेक राज को देर रात हिरासत में रखा गया
नीलाम्बर-पीताम्बर विश्वविद्यालय के तथाकथित “भव्य” तीसरे दीक्षांत समारोह के बीच एक बेहद चिंताजनक घटना सामने आई है। बीती रात 5 अक्टूबर को लगभग 11 बजे, एजेएसयू छात्र नेता अभिषेक राज को पलामू पुलिस द्वारा दीक्षांत समारोह की सुरक्षा के नाम पर हिरासत में लेकर पदवा थाना ले जाया गया। उन्हें पूरे दिन, 6 अक्टूबर की शाम तक, जब तक दीक्षांत समारोह का समापन नहीं हुआ, थाने में ही रोके रखा गया।
विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस द्वारा अपनाई गई यह कार्रवाई इस बात का संकेत देती है कि सत्ता पक्ष और प्रशासन छात्र नेतृत्व की लोकतांत्रिक आवाज़ से भयभीत हैं। जिस छात्र ने हमेशा विश्वविद्यालय की वास्तविकताओं को उजागर किया — चाहे वह शिक्षा की गिरती गुणवत्ता हो, छात्र हितों की अनदेखी हो या दिखावे पर खर्च किए जा रहे लाखों रुपये की बात — उसी छात्र को “सुरक्षा कारणों” के नाम पर थाने में कैद कर दिया गया।
यह घटना केवल एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि पूरे छात्र समाज को यह संदेश देने का प्रयास है कि जो आवाज़ उठाएगा, उसे दबा दिया जाएगा। दीक्षांत समारोह जैसे शैक्षणिक उत्सव के अवसर पर इस तरह की कार्रवाई विश्वविद्यालय की असली मानसिकता और लोकतांत्रिक असहिष्णुता को उजागर करती है।
अभिषेक राज ने इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा —
“मुझे रात 11 बजे बिना किसी पूर्व सूचना या अपराध के सिर्फ इसलिए हिरासत में लिया गया क्योंकि मैंने विश्वविद्यालय की बनावटी चमक के पीछे छिपी सच्चाई पर सवाल उठाए थे। मुझे पूरे दिन थाने में रखकर कार्यक्रम खत्म होने का इंतजार करवाया गया। यह दिखाता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन आलोचना से डरा हुआ है।
मैं यह साफ करना चाहता हूँ कि मेरा विरोध कभी व्यक्ति से नहीं, व्यवस्था से रहा है। मैं हमेशा छात्रों की आवाज़ और सच्चाई के साथ खड़ा रहूँगा। सच को कुछ समय के लिए रोका जा सकता है, मगर छिपाया नहीं जा सकता।”
दीक्षांत समारोह की चकाचौंध के पीछे यह घटना एक गहरी विडंबना है — जहाँ बाहर तालियाँ बज रहीं थीं, वहीं भीतर लोकतांत्रिक आवाज़ को थाने की दीवारों में कैद रखा गया था। यह केवल एक छात्र की कहानी नहीं, बल्कि उन तमाम युवाओं की आवाज़ है जो सवाल पूछने का साहस रखते हैं।
– अभिषेक राज
छात्र नेता, आजसू
नीलाम्बर-पीताम्बर विश्वविद्यालय


