भोगुलहल्हे में आर. एल. एस. इंडियन पब्लिक स्कूल में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया शिक्षा दिवस

भोगुलहल्हे, 7 सितंबर 2025: शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए, आर. एल. एस. इंडियन पब्लिक स्कूल, बारी रोड, भोगुलहल्हे में शिक्षा दिवस का आयोजन उत्साह और भव्यता के साथ किया गया। स्कूल परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भारत में प्रायः डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर मनाए जाने वाले शिक्षक दिवस के रूप में प्रसिद्ध शिक्षा दिवस, इस बार भी उनके अमूल्य योगदान को स्मरण करने का एक सशक्त माध्यम बना। डॉ. राधाकृष्णन, भारत के दूसरे राष्ट्रपति और महान दार्शनिक-शिक्षाविद्, ने शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का आधार माना था, और इस आयोजन ने उनके इस दृष्टिकोण को जीवंत रूप प्रदान किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल के प्रधानाध्यापक श्री चंदन कुमार ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया। अपने प्रेरक संबोधन में उन्होंने कहा, “शिक्षा दिवस हमें याद दिलाता है कि शिक्षक समाज के सच्चे शिल्पकार हैं। डॉ. राधाकृष्णन ने शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी बनाने पर बल दिया। हमारा स्कूल उनके इस दर्शन को अपनाकर निरंतर प्रगति की ओर अग्रसर है।” उनके उद्घाटन भाषण ने पूरे परिसर में उत्साह और भक्ति की लहर पैदा कर दी।

कार्यक्रम में छात्रों ने विविध सांस्कृतिक और शैक्षिक गतिविधियों में भाग लिया। कक्षा 6 से 10 तक के छात्र-छात्राओं ने अंग्रेजी में आयोजित स्पीच प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, जिसमें उन्होंने शिक्षा के महत्व, डॉ. राधाकृष्णन के जीवन और आधुनिक शिक्षा प्रणाली की चुनौतियों पर विचार व्यक्त किए। एक छात्रा ने अपने भाषण में कहा, “Education is not just about books; it’s about lighting the lamp of knowledge in every heart,” जिसे सभागार में उपस्थित सभी लोगों ने जोरदार तालियों के साथ सराहा। इसके अतिरिक्त, छात्रों ने शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी शिक्षकों और स्कूल कर्मचारियों को पुरस्कार भेंट कर सम्मानित किया, जिसने कार्यक्रम में भावनात्मक जुड़ाव को और गहरा किया।

कार्यक्रम का एक अन्य आकर्षण सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुतियां थीं। छात्राओं ने पारंपरिक भारतीय नृत्यों के माध्यम से गुरु-शिष्य परंपरा और शिक्षा के महत्व को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। एक समूह ने ‘गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु’ पर आधारित भरतनाट्यम नृत्य प्रस्तुत किया, जबकि दूसरे समूह ने आधुनिक फ्यूजन डांस के जरिए शिक्षा के वैश्विक महत्व को रेखांकित किया। स्कूल बैंड ने पृष्ठभूमि में मधुर संगीत प्रस्तुत कर वातावरण को और भी मनोरम बना दिया। इन प्रस्तुतियों में छात्राओं की ऊर्जा, समन्वय और रचनात्मकता की सभी ने प्रशंसा की।

छात्राओं ने न केवल नृत्य और भाषण में अपनी प्रतिभा दिखाई, बल्कि मंच सज्जा और स्लोगन लेखन जैसी गतिविधियों में भी सक्रिय योगदान दिया। एक छात्रा ने कहा, “शिक्षा दिवस हमें प्रेरित करता है कि हम शिक्षा के माध्यम से न केवल स्वयं को सशक्त बनाएं, बल्कि समाज को भी बेहतर बनाएं।” कार्यक्रम में 250 से अधिक छात्र-छात्राएं उपस्थित थे, जिन्होंने शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और उत्साह का प्रदर्शन किया।

झारखंड के पलामू जिले के निकटवर्ती क्षेत्र में स्थित आर. एल. एस. इंडियन पब्लिक स्कूल, सीबीएसई से संबद्ध है और कक्षा 1 से 10 तक की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करता है। यह स्कूल अपनी शैक्षिक उत्कृष्टता और समग्र विकास के लिए जाना जाता है। समापन में, प्रधानाध्यापक श्री चंदन कुमार ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा, “ऐसे आयोजन हमारे स्कूल को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”

यह कार्यक्रम न केवल शिक्षा दिवस को यादगार बनाया, बल्कि छात्रों में सांस्कृतिक जागरूकता, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक मूल्यों का भी संचार किया। स्कूल प्रबंधन ने भविष्य में ऐसे और अधिक आयोजनों की योजना बनाई है, ताकि छात्र शिक्षा के साथ-साथ कला और संस्कृति से भी जुड़ सकें। स्थानीय समुदाय और अभिभावकों ने इस पहल की सराहना की, जिसने इस आयोजन को और भी विशेष बना दिया।