हाथी पर आगमन और कंधे पर विदाई देंगी मां दुर्गा, शारदीय नवरात्र 22 सितंबर से
हाथी पर आएगी और कंधे पर बैठकर विदा होगी जगदम्बा, इस बार की दुर्गा पूजा शुभ ही शुभ, कलश स्थापना 22 को
कोडरमा: हिन्दू धर्म मे 9 दिनों तक चलने वाला त्यौहार दुर्गा पूजा काफी खास होता है । पूरे नौ दिनों तक लोग श्रद्धा और भक्ति के साथ बिताते हैं । साल में दो गुप्त नवरात्रि आते हैं और चैत्र मास और शारदीय नवरात्रि दो अप्रैल और अक्टूबर में मनाए जाते हैं। अब अक्टूबर में आने वाले नवरात्र को शारदीय नवरात्रि के नाम से जाना जाता है। पं कुंतलेश पाण्डेय ने बताया कि अश्विन मास में शारदीय नवरात्र की शुरुआत हिन्दू पंचांग के प्रतिपदा यानी 22 सितंबर से शुरू हो रहे हैं। नवरात्रि पर इस साल उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र और हस्त योग का संयोग बन रहा है। इस साल नवरात्रि सोमवार 22 सिंतबर से शुरू होकर 1 अक्टूबर तक चलेंगे। इसके बाद दशहरा पर्व 2 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस बार दशहरा 11 दिनों का होगा ।
इसमें मां दुर्गा की विशेष पूजा होती है। जबकि नवरात्रि के नौ दिनों में माता दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। पं कुंतलेश पाण्डेय ने बताया कि इस बार हाथी पर माता सवार होकर आएंगी । ऐसा कहा जाता है कि जब माता की सवारी हाथी होती है, तो इसे शुभ माना जाता है। रविवार या सोमवार को शुरू होने वाली नवरात्रि में माता हाथी पर सवार होकर आती हैं। इसलिए इस बार पूजा विशेष फलदायी होगी। इस बार माता का प्रस्थान बुधवार को माँ कंधे पर बैठकर विदा होगी जिससे जनता के बीच सुख और मंगल होगी ।
नवरात्रि का आरंभ घटस्थापना के साथ होता है, जिसे बहुत ही शुभ माना जाता है। 2025 में घटस्थापना सोमवार, सितम्बर 22 को की जाएगी। घटस्थापना 22 तारीख को सुबह 06:09 बजे से 08:06 बजे तक की जा सकती है। इसके अलावा अगर दोपहर को घटस्थापना कर रहे हैं, तो दोपहर 11:49 बजे से 12:38 बजे तक कलश की स्थापना कर सकते हैं।
शारदीय नवरात्र 2025 तिथि
22 सितंबर 2025- मां शैलपुत्री की पूजा
23 सितंबर 2025- मां ब्रह्मचारिणी की पूजा
24 सितंबर 2025- मां चंद्रघंटा की पूजा
25 सितंबर 2025- मां कूष्मांडा की पूजा (पूजन इस दिन नही होगा)
26 सितंबर 2025- मां कूष्मांडा की पूजा
27 सितंबर 2025- मां स्कंदमाता की पूजा
28 सितंबर 2025- मां कात्यायनी की पूजा
29 सितंबर 2025- मां कालरात्रि की पूजा
30 सितंबर 2025- मां सिद्धिदात्री की पूजा
01 अक्टूबर 2025- मां महागौरी की पूजा
02 अक्टूबर 2025- विजयदशमी (दशहरा)
।। नवरात्रि में देवी के आने व जाने के वाहन का नाम एवं फलादेश ।।
नवरात्रि में प्रतिपदा के घट स्थापन यदि निम्न वारों में हो तो :-
रविवार-सोमवार भगवती हाथी पर सवार होकर आती हैं।
अति वृष्टि (वर्षा)
शनिवार-मंगलवार
भगवती घोड़े पर सवार होकर आती हैं।
देश में आपत्ति, राज का कष्ट
गुरुवार-शुक्रवार
भगवती डोली पर सवार होकर आती हैं।
कष्ट, आपत्ति।
बुधवार
भगवती नौका पर सवार होकर आती हैं।
सर्व सिद्धि, कल्याण।
नवरात्रि का विसर्जन (दशमी) यदि निम्न वारों में हो तो :-
रविवार-सोमवार
भगवती महिष (भैंसा) पर बैठ कर जाती है
शोक-रोग-आपत्ति
शनिवार-मंगलवार
भगवती मुर्गा पर बैठ कर जाती है
व्याकुल-व्यग्रता
गुरु-शुक्रवार
भगवती गज (हाथी) पर बैठ कर जाती है
अति वृष्टि (वर्षा)
बुधवार
भगवती मनुष्य के कंधे पर बैठ कर जाती है
अतिसुख-मंगल-शुभ

