आर्थिक सहयोग देकर उसे पेपर में प्रकाशित कर देना यह निश्चित तौर पर गरीबों का मजाक उड़ाना होगा

आर्थिक सहयोग देकर गरीब का उपहास उचित नहीं होगा किसी को आर्थिक सहयोग देकर उसे पेपर में प्रकाशित कर देना यह निश्चित तौर पर गरीबों का मजाक उड़ाना होगा और सिर्फ वह भी अपने राजनीतिक लाभ के लिए ,
जब विकास होता है सड़क बिजली पानी का तो वह विकास सभी जाति धर्म और गरीब और अमीर के दरवाजे से होकर होता है विकास कार्यों को अमीरी गरीबी से और जातिवाद से जोड़ना अनुचित होगा जातिवाद की लड़ाई राजनीति में वैसे लोग करते हैं जो लोग कहीं ना कहीं अपने आप को राजनीति में कमजोर समझ रहे होते हैं इसीलिए वह अंत में जातिवाद का सहारा लेते हैं एक विशेष वर्ग का सहयोग नहीं करने का आरोप के रूप में उन्हें विदित कराना है। अंत में जाति और धर्म का नारा लगाकर वोट मैनिपुलेशन का काम करते हैं समाज के अंदर में ऐसी बातें का आना बहुत ही निंदनीय है ,एक स्वस्थ समाज का निर्माण सभी को लेकर चलने में ही हो सकता है हमारी परिकल्पना है
“स्वस्थ समाज स्वस्थ मेदिनीनगर स्वच्छ मेदिनीनगर है”
ऐसी विचारधाराओं में जहां जातिवाद की बात होती है वहां समाज के अंदर में कुंठा व्याप्त होता है एक जाति दूसरी जाति को ऊंचा और नीचा दिखाने का कार्य करती है इससे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के अभियान को आधात पहुंचता है क्योंकि माननीय श्री प्रधानमंत्री जी की परिकल्पना सबका साथ सबका विकास है मैंने अपने कार्यकाल में नगर निगम के विकास में सबका साथ लिया और सब का विकास किया।

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