“चार बुज़ुर्ग, दो एकड़ ज़मीन और एक लूटती हुई व्यवस्था – क्या अब भी चुप रहेगा प्रशासन?”

चार बुज़ुर्ग , जिनकी करोड़ों रुपए की 2 एकड़ ज़मीन ज़बरदस्ती माफियाओं ने अंचल कार्यालय (चैनपुर) और सब रजिस्टार के मदद से छीनी है, आज अपनी जान के लिए लड़ रहे हैं। प्रशासन की चुप्पी ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। यह कोई मामूली खबर नहीं, बल्कि इंसानियत और न्याय का सवाल है।
कृपया इसे अपनी अगली फ्रंट पेज हेडलाइन बनाकर उनकी आवाज़ बनें, क्योंकि उनकी ज़िंदगी अब आप लोगों के फैसले और खबर पर टिकी है।