बैसाखी के सहारे जिंदगी काट रहा अंगद, अब तक किसी जनप्रतिनिधि ने नहीं ली सुध

केतार (मुकुंदपुर पंचायत, बक्सीपुर दक्षिणी टोला):
मुकुंदपुर पंचायत के बक्सीपुर दक्षिणी टोला निवासी 23 वर्षीय अंगद कुमार की जिंदगी आज भी दर्द और संघर्ष से भरी है। दो साल पहले एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद रांची में इलाज के दौरान उनका एक पैर काटना पड़ा। तब से अंगद बैसाखी के सहारे ही जीवन बिता रहे हैं।

अंगद कुमार के दो छोटे बच्चे हैं और उनकी पत्नी चंदा देवी मजदूरी कर जैसे-तैसे पूरे परिवार का पेट पालती हैं। अंगद ना तो काम कर सकते हैं और ना ही कहीं से कोई स्थायी सहायता मिल रही है। इस विषम परिस्थिति में यह परिवार पूरी तरह से उपेक्षित महसूस कर रहा है।

न कोई जनप्रतिनिधि आए, न कोई अधिकारी, किसी ने अब तक इस परिवार की सुध नहीं ली। न आवास मिला, न पेंशन, न ही किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ।

“हम आखिर किससे पूछें? अधिकारी से या जनप्रतिनिधि से? कोई हमारी तकलीफ क्यों नहीं देखता?” – यह सवाल अंगद कुमार की आंखों में साफ झलकता है।

स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से अपील की है कि ऐसे जरूरतमंद और असहाय परिवारों को प्राथमिकता पर मदद मिले।

क्या सिस्टम जागेगा जब तक और देर हो जाएगी?

समाजसेवी अजय वर्मा ने पीड़ित युवक अंगद से मिला और मिलकर जिला प्रशासन से आग्रह किया है की इस तरह का लचार व्यक्ति को एक्सीडेंट के बाद न तो आवास योजना मिला नहीं पेंशन जबकि बैंक विकलांगता सर्टिफिकेट में भी 60 प्रतिशत है फिर भी कोई लाभ नहीं दिया गया