मूल किताब ही वास्तविक ज्ञान प्रदान कर सकता है -अविनाश देव

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मूल किताब ही वास्तविक ज्ञान प्रदान कर सकता है -अविनाश देव
डाल्टेनगंज – पुस्तकालय के इतिहास में मेदिनीनगर शहर का पुराना इतिहास है। सौ साल पुरानी तीन तीन लाइब्रेरी आज भी बूढ़ा बरगद की तरह थाती है।आज अस्पायरेंट लाइब्रेरी खुला खुशी हो रही है। इस पुस्तकालय को फीता काट कर उद्घाटन किया दुगुना खुशी हो रही है। पुस्तकालय घूमने के बाद आकलन जो किया मुझे पूरा उम्मीद है बच्चे यहां से क्लास वन अफ़सर बन कर निकलेंगे। लाइब्रेरी इंचार्ज प्रमोद जी अंगवस्त्र पुष्पगुच्छ देकर बतौर मुख्य अतिथि स्वागत किए। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर उपस्थित माताएं बहनों को शुभकामना प्रदान किए। सच पूछा जाए तो विद्यार्थियों प्रतियोगी परीक्षार्थियों को मूल पाठयपुस्तक ही सफलता के शिखर पर ले जा सकता है। विभिन्न लेखकों के किताबे सहयोगी सहपाठी सिद्ध होता है पढ़ने में रुचि लगता है। यह पुस्तकालय आने वाला वक्त में शहर के लिए शान होगा। पुस्तकालय के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं। निदेशक से अपील होगा बच्चों के सुविधा संसाधन सुरक्षा पर विशेष ध्यान रखेंगे। धन्यवाद!

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