स्कूल में बच्चों को बैठने का जगह नहीं, बच्चों के साथ होते रहती है दुर्घटनाएं

0
Untitled

स्कूल में बच्चों को बैठने का जगह नहीं, बच्चों के साथ होते रहती है दुर्घटनाएं

स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए गुरुवार से सिटी बजाओ उपस्थित बढ़ाओ कार्यक्रम का शुरुआत किया गया।सीटी बजाने से उपस्थिति भी बढ रही है। लेकिन चैनपुर प्रखंड में सत्रोननत उच्च विद्यालय महुगावां एक ऐसा विद्यालय है जहां बच्चों की संख्या तो बढ़ गई है लेकिन बच्चों को बैठाने के लिए स्थान की कमी है। इस इस विद्यालय में कक्षा एक से लेकर कक्षा 10 तक पढ़ाई होती है। तथा स्कूल में कुल नामांकित बच्चों की संख्या 415 है। इस विद्यालय में बच्चों के बैठने लायक मात्र पांच कमरे हैं जिसमें दो जर्जर स्थिति में है। इन्हीं पांच कमरों में सभी बच्चों को बिठाया जाता है। स्थिति यह है कि एक कमरे में 60 से 70 बच्चे बैठते हैं। प्रभारी प्रधानाध्यापक ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि कमरों की संख्या कम होने के कारण एक कमरे में दो कक्षा चलाए जाते हैं जिससे बच्चों को पढ़ने में काफी सुविधा होती है ।स्कूल में कुल 6 शिक्षक हैं ।स्कूल के प्रबंध समिति के अध्यक्ष बाबूलाल चौरसिया ने कहा कि क्लास रूम की कमी है तथा जो क्लास रूम है उसमें बच्चों को बैठने के लिए बेंच डेस्क भी नहीं है और जो बेंच डेस्क है वह काफी टूटा हुआ है ऐसे में एक ही क्लास में कुछ बच्चों को बेंच डेस्क पर तथा कुछ बच्चों को नीचे जमीन पर बिठाया जाता है। उन्होंने बताया कि यह स्कूल मेदनी नगर गढ़वा मुख्य पथ पर महुगावां में मुख्य पथ से सटा हुआ है तथा स्कूल में बाउंड्री नहीं है जिसके कारण बच्चों के साथ दुर्घटनाएं भी होते रहती हैं। पिछले वर्ष एक बच्चा आनंद कुमार पासवान की मौत पानी में डूबने से हो गई वह स्कूल समय में शौच के लिए तालाब किनारे गया था, तथा दीपक कुमार, अनु पाल सड़क दुर्घटना में घायल हो गया था ।स्कूल के शौचालय की भी स्थिति बहुत खराब है ।शौचालय में कोई दरवाजा नहीं है और दरवाजा नहीं होने के कारण ग्रामीण स्कूल बंद होने के बाद शौचालय में आकर यहां वहां शौच कर गंदगी फैला देते हैं ।स्कूल का बाउंड्री वॉल नहीं होने के कारण एक तरफ मुख्य पथ पर खतरा बना हुआ है तथा तुरंत दूसरे तरफ तालाब में दलदल है जिससे बच्चों के बीच हर समय खतरा बना हुआ रहता है। शिक्षक भी डरे रहते हैं की कब कोई दुर्घटना ना हो जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *