दिवसीय शरद महोत्सव में चौथी और पांचवें दिन फैंसी ड्रेस की प्रतियोगिता, का अयोजन किया गया
दिवसीय शरद महोत्सव में चौथी और पांचवें दिन फैंसी ड्रेस की प्रतियोगिता, का अयोजन किया गया।
टेंडर हार्ट स्कूल में आयोजित 6 दिवसीय शरद महोत्सव में चौथी और पांचवें दिन फैंसी ड्रेस की प्रतियोगिता, कैनवस पेंटिंग और ग्रीटिंग कार्ड बनाने की प्रतियोगिता आयोजित की गई। कैनवस कक्षा 6 से 8 तक तथा ग्रीटिंग कार्ड कक्षा 3 से 5 तक के बच्चों के लिए आयोजित थी। फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता क्लास नर्सरी से आठ तक के लिए आयोजित थी। तीन भागों में विभक्त फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता के प्रतिभागियों ने विभिन्न धार्मिक एवं महाकाव्यों के चरित्रों के अनुरूप वेश धारण किया था। कोई रावण, सीता साईं बाबा, गुरु नानक,पैगंबर मोहम्मद, सेंटा क्लोज,राम, कृष्ण, मेघनाथ, अर्जुन इत्यादि का वेश धारण कर तथा अपने शब्दों से ऊन चरित्रों का बखान भी कर रहे थे। इस अवसर पर विद्यालय में उपस्थित न्यायालय कर्मीअमर विश्वकर्मा,अधिवक्ता आशीष दुबे आदि ने मनोरंजन लेते हुए इस कार्यक्रम को सराहा।उन्होंने कहा कि हमारे धार्मिक ग्रंथो के चरीत्रों को कुछ समय के लिए जी कर यह छोटे-छोटे बच्चे उन चरित्रों को पुनर्जीवित कर रहे हैं। हमारे स्मृति पटल से लोप होते चरित्रों को वह आम जनमानस के सामने ला रहे हैं। अपने वेशभूषा एवं शब्दों से ऊन चरित्रों को जीवंत कर रहे हैं।वही अगले दिन कैनवस पेंटिंग प्रतियोगिता तथा ग्रीटिंग कार्ड बनाने की प्रतियोगिता के दिन उपस्थित अतिथि अधिवक्ता सतीश कुमार मिश्रा,अधिवक्ता परशुराम पांडे तथा आचार्य गंगाधर मिश्रा ने कहा कि ग्रीटिंग जो एक परंपरा थी जिसका लोप हो गया है। इस मोबाइल युग ने उस विधा को हमसे छीन लिया। इस प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों की कल्पना शक्ति प्रदर्शित होती है एवं उसका अभ्यास होता है। चित्रों को देखना,समझना और अपनी कल्पना के माध्यम से कैनवास पर उकेरना बच्चों की कल्पना शक्ति को प्रदर्शित करता है तथा निर्माण की क्षमता को विकसित करता है।इस अवसर पर पंडित गंगाधर मिश्रा ने बच्चों को आशीर्वाद भी दिया।
