वक्फ संशोधन विधेयक पारित करना,मुस्लिमों के मौलिक अधिकारों का हनन है:– मुमताज अहमद खान
वक्फ संशोधन विधेयक पारित करना,मुस्लिमों के मौलिक अधिकारों का हनन है:– मुमताज अहमद खान
आज दिनांक 15 सितंबर 2024 को आजाद समाज पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष सह आजाद समाज पार्टी के पांकी विधानसभा क्षेत्र के भावी प्रत्यासी मुमताज अहमद खान जी ने एक प्रेस विज्ञापित करके 8 अगस्त को संसद में वक्फ संशोधन बिल पेश किए जाने पर बीजेपी सरकार पर विरोध जताया है।उन्होंने कहा है की बीजेपी सरकार वक्फ विधेयक संशोधन बिल लाकर मुसलमानों की पब्लिक संपति को हड़पने की तैयारी कर रही है,यह मुस्लिमों की मौलिक अधिकारों का हनन के साथ संविधान पर हमला है।
वक्फ बोर्ड अंग्रेजों के शासनकाल से ही चलते आ रहा है और फिर 1954 में वक्फ बोर्ड को लेकर बहुत कुछ नियम बनाया गया था जिसमें यह भी था की अगर कोई वक्फ प्रॉपर्टी को चोरी करता है तो उसे नॉनबेलेबल केस के साथ चोरी के जुर्म में 2 साल की सजा हो सकती है और 2024 के वक्फ संशोधन में साफ किया गया है की वक्फ प्रॉपर्टी चोरी किए जाने पर होने वाले मुकदमा में परिर्वतन कर नॉनबेलेबले से बेलेबल सेक्शन में डाला जाएगा जिससे वक्फ संपति में सुरक्षा पर सवाल खड़ा होता है।
इस 2024 के पारित बिल में जिला कलेक्टर के हांथ में पूरी पॉवर दी जा रही है जिसमें बताया जा रहा है की जिला कलेक्टर किसी भी वक्फ प्रॉपर्टी पर जांच बैठा सकती है, जब तक जांच चलेगी तब तक जांच किए जा रहे वक्फ बोर्ड की समाप्ति की पूरी जमीन सरकार के अधिकार में होगा,उसपर मुतवली यानी की वक्फ कमेटी का कोई अधिकार नहीं होगा,जांच में जमीन की 200 साल पुरानी कागजात मांगी जाएगी अगर कागजात उपलब्ध नही कराई गई तो जिला कलेक्टर उस जमीन को सरकार के हाथों में सौंप देगा जो निंदनीय है, यह CAA और NRC के तरह ही बिल है और इसका विरोध भीम आर्मी आजाद समाज पार्टी करता है।
उन्होंने ने आगे कहा की वक्फ संशोधन विधेयक पारित नही होने के संदर्भ में आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह नगीना सांसद जी का 8 अगस्त से ही बयान आ रहा है जिसपर वो आंदोलन के लिए सड़क पर उतरने की बात कर रहें हैं, लेकिन अभी तक जिस कांग्रेस को मुस्लिम समाज वोट करती है, उनके किसी भी नेताओं का इसपर बयान नही आना मुस्लिम समाज के लिए दुर्भाग्य है,कर्म के हिसाब से असली विपक्ष तो आजाद समाज पार्टी है जो BJP के गलत नीतियों का खुलकर विरोध करती है,जनता को इस बात को समझना होगा और आगामी विधानसभा चुनाव में समाज के लिए लड़ने वाला प्रत्यासी को सांसद और विधायक बनाकर लोकसभा और विधानसभा में भेजना होगा।। उन्होंने यह भी कहा की अगर ये बिल पास हुआ तो मुस्लिम समाज का वक्फ की सारी जमीनें सरकार के कब्जे में होंगी, उन्होंने जनता से अपील भी किया है की इस बिल को मुस्लिम समाज को पुरजोर विरोध करना चाहिए, और अगर ये संसद में पारित किया जाएगा तो राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद जी और प्रदेश अध्यक्ष काशिफ रजा जी के निर्देश पर पांकी विधानसभा में भी आंदोलन तेज कर वक्फ बोर्ड के संपति को बचाने का कार्य करेंगे, किसी भी हाल में मुस्लिम समाज के पब्लिक प्रॉपर्टी को हड़पने नही दिया जाएगा।।
