उड़ीसा में आयोजित राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव में पलामू की संस्था ने दी प्रस्तुति

उड़ीसा में आयोजित राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव में पलामू की संस्था ने दी प्रस्तुति

संध्या तारा नाटक का मंचन कर मासूम आर्ट ग्रुप ने लहराया पलामू का परचम

प्रतिनिधि, मेदिनीनगर

नाट्य संत शताब्दीर कलाकार के द्वारा उड़ीसा के भुवनेश्वर में आयोजित 28 वीं कलिंग नाट्य महोत्सव में पलामू की नाट्य संस्था मासूम आर्ट ग्रुप ने अपनी प्रस्तुति देकर पलामू का परचम लहराया। पलामू की नाट्य संस्था मासूम आर्ट ग्रुप ने इस नाट्य महोत्सव में अपनी बहु चर्चित नाटक संध्या तारा का मंचन कर दर्शकों में सनसनी फैला दी। मासूम आर्ट ग्रुप के अध्यक्ष विनोद कुमार पांडेय ने बताया कि कलिंग नाट्य महोत्सव राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली एक महत्वपूर्ण आयोजन है, 20 से 25 फरवरी तक आयोजित इस महोत्सव में देश की अग्रणी नाट्य संस्थाओं को बुलाया जाता है, ऐसे आयोजन में पलामू की नाट्य संस्था को आमंत्रित करना पूरे राज्य के लिए गौरव का पल है। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव में मासूम आर्ट ग्रुप द्वारा देश के जाने माने नाट्यकर मनोज मित्र द्वारा लिखित नाटक पर आधारित सैकत चटर्जी द्वारा लिखित नाटक संध्या तारा का मंचन किया गया। इस अवसर पर नाटक के लेखक व निर्देशक सैकत चटर्जी को सम्मानित भी किया गया।

क्या है नाटक संध्या तारा

नाटक संध्या तारा एक पारिवारिक द्वंद की कहानी है जिसमें यह दिखाया गया है कि कैसे वर्तमान समय में पारिवारिक रिश्तों में दरार पैदा हो रही है और इससे बचने की जरूरत है। नाटक का मुख्य पात्र ताराशंकर और संध्या लता बुजुर्ग हो गए है , उनके बच्चे अलग अलग जगह पर सेटल है। मां बाप अकेला है, इस अकेलेपन से संघर्ष की कहानी है नाटक संध्या तारा । नाटक में तारा शंकर की भूमिका में सैकत चटर्जी व संध्या की भूमिका में मुनमुन चक्रवर्ती ने अंत तक अपनी अभिनय दक्षता से दर्शकों को बांधे रखा। दामाद शिवनाथ की भूमिका में उज्ज्वल सिन्हा दर्शकों को खूब गुदगुदाया। अन्य भूमिकाओं में कनक लता तिर्की, अमर कुमार भांजा, राहुल कुमार तथा श्यामली घोष थी। पहली बार अभिनय कर रही श्यामली ने भी बढ़िया काम किया।

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