थाने में जब्त गाड़ी दिलाने के नाम पर 39 लाख से अधिक की ठगी, जामताड़ा साइबर थाना का जवान आरोपी

सस्ते दाम में थाने में जब्त गाड़ी दिलाने के नाम पर 39 लाख रुपये से अधिक ठगी करने का सनसनी खेज़ मामला आया सामने, जामताड़ा साइबर थाना में पदस्थापित जवान गौतम कुमार पर ठगी का आरोप, पीड़ित के शिकायत पर बेंगाबाद थाने में ठगी को लेकर प्राथमिकी दर्ज

बेंगाबाद, गिरिडीह,नीतू कुमारी

गिरिडीह. गिरिडीह जिले के अलग – अलग थाना क्षेत्र में रहने वाले करीब आधा दर्जन से अधिक लोगों से थाने में जब्त गाड़ियों को सस्ते दामों में दिलाने के नाम पर 39 लाख रुपये से अधिक की ठगी किए जाने का सनसनी खेज मामला सामने आया है. इस पूरे ठगी के खेल खेलने का आरोप जामताड़ा साइबर थाना में तैनात एक आरक्षी पर लगा है. इस मामले में गिरिडीह जिले के बेंगाबाद थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है. चपुआडीह पंचायत निवासी महाराज यादव के लिखित आवेदन के आधार पर थाना कांड संख्या 58/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(2) एवं 318(4) में केस दर्ज किया गया है. आरोपी आरक्षी की पहचान गौतम कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से देवघर जिले के मधुपुर थाना क्षेत्र के गड़िया गांव का रहने वाला है और वर्तमान में जामताड़ा साइबर थाना में पदस्थापित है. पीड़ित महाराज यादव ने आरोप लगाया है कि आरक्षी ने गिरिडीह जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के करीब आठ लोगों से कुल 39 लाख 60 हजार 500 रुपये की ठगी की है. बताया गया कि आरोपी और पीड़ित के बीच पहले से घनिष्ठ संबंध था, जिसका फायदा उठाते हुए उसने लोगों को सस्ते दर पर जब्त चारपहिया वाहनों की नीलामी कराने का झांसा दिया. विश्वास जीतने के लिए आरोपी ने कथित तौर पर जब्त वाहनों को दिखाया और अपनी सरकारी नौकरी का प्रभाव डालते हुए लोगों से अग्रिम राशि के रूप में मोटी रकम वसूल ली. लेकिन पैसे लेने के बाद वह लगातार नीलामी प्रक्रिया को टालता रहा. एक वर्ष बीत जाने के बावजूद न तो वाहन उपलब्ध कराया गया और न ही रकम वापस की गई. इस ठगी मामले में महाराज यादव के अलावा जमुआ थाना क्षेत्र के नावाडीह निवासी मो. रजाउद्दीन मिर्जा, हरिला के मनोज कुमार यादव, चपूवाडीह मुंडहरि के अरुण कुमार समेत कई अन्य लोग भी इस ठगी का शिकार हुए हैं. सूत्रों के अनुसार, मामला उजागर होने के बाद से आरोपी आरक्षी जामताड़ा साइबर थाना से फरार बताया जा रहा है. वहीं, बेंगाबाद थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पहले इस संबंध में मौखिक सूचना मिली थी, जिसका सत्यापन किया गया. अब लिखित आवेदन मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस मामले की गंभीरता से जांच करते हुए आरोपी की तलाश में जुट गई है.