सोशल मीडिया पर उठी आवाज़ पर सीएम हेमंत सोरेन की त्वरित प्रतिक्रिया, पलामू प्रशासन हुआ सक्रिय

इंडियन सोशल फाउंडेशन के मीडिया प्रभारी मनोज कुमार गुप्ता ने ट्विटर के माध्यम से सरकार से गुहार लगाई थी। उन्होंने अपनी पोस्ट में बताया था कि सलैया गांव में ब्रछाही मोड़ से साव टोला तक 2 किलो मीटर लगभग सड़क बरसात के मौसम में 2 फीट तक पानी और कीचड़ से भर गई है। उन्होंने यह भी लिखा कि सड़क पूरी तरह से खंडहर में तब्दील हो चुकी है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इस ट्वीट को देखकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तुरंत अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मनोज कुमार गुप्ता की पोस्ट को रिट्वीट करते हुए पलामू डीसी को इस मामले में अभिलंब संज्ञान लेने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री के इस कदम से यह साबित हुआ कि सरकार आम नागरिकों की समस्याओं को लेकर कितनी गंभीर है, भले ही वे सोशल मीडिया के माध्यम से ही क्यों न उठाई गई हों।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद, पलामू के उपायुक्त ने तुरंत जवाब दिया। उन्होंने अपने रिप्लाई में कहा कि वे जल्दी ही स्थल का निरीक्षण करवाएंगे और लोगों की इस समस्या का स्थायी समाधान निकालेंगे। डीसी के इस आश्वासन से ग्रामीणों में उम्मीद की एक नई किरण जगी है।

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया आज के दौर में जनता और सरकार के बीच संवाद का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। एक छोटी सी पोस्ट ने न सिर्फ एक गांव की समस्या को उजागर किया, बल्कि उस पर तत्काल कार्रवाई भी सुनिश्चित करवाई।

पलामू जिले के छतरपुर 1
सितंबर को ट्विटर एक्स सोशल मीडिया पर उठाई गई एक आम नागरिक की समस्या पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तत्काल संज्ञान लिया, जिसके बाद पलामू जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। मामला पलामू जिले के छत्तरपुर प्रखंड के चराई पंचायत अंतर्गत सलैया गांव का है, जहां भारी बारिश के कारण सड़कें पूरी तरह से बदहाल हो चुकी हैं।

इंडियन सोशल फाउंडेशन के मीडिया प्रभारी मनोज कुमार गुप्ता ने ट्विटर के माध्यम से सरकार से गुहार लगाई थी। उन्होंने अपनी पोस्ट में बताया था कि सलैया गांव में ब्रछाही मोड़ से साव टोला तक 2 किलो मीटर लगभग सड़क बरसात के मौसम में 2 फीट तक पानी और कीचड़ से भर गई है। उन्होंने यह भी लिखा कि सड़क पूरी तरह से खंडहर में तब्दील हो चुकी है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इस ट्वीट को देखकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तुरंत अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मनोज कुमार गुप्ता की पोस्ट को रिट्वीट करते हुए पलामू डीसी को इस मामले में अभिलंब संज्ञान लेने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री के इस कदम से यह साबित हुआ कि सरकार आम नागरिकों की समस्याओं को लेकर कितनी गंभीर है, भले ही वे सोशल मीडिया के माध्यम से ही क्यों न उठाई गई हों।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद, पलामू के उपायुक्त ने तुरंत जवाब दिया। उन्होंने अपने रिप्लाई में कहा कि वे जल्दी ही स्थल का निरीक्षण करवाएंगे और लोगों की इस समस्या का स्थायी समाधान निकालेंगे। डीसी के इस आश्वासन से ग्रामीणों में उम्मीद की एक नई किरण जगी है।

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया आज के दौर में जनता और सरकार के बीच संवाद का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। एक छोटी सी पोस्ट ने न सिर्फ एक गांव की समस्या को उजागर किया, बल्कि उस पर तत्काल कार्रवाई भी सुनिश्चित करवाई।






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