समाजसेवी शंभू नाथ दूबे का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर
बरिगांवा निवासी तथा वर्तमान में रेड़मा में रह रहे शंभू नाथ दूबे का आज दोपहर उनके रेड़मा स्थित आवास पर निधन हो गया।उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।समाज के प्रति समर्पित और जागरूक भूमिका निभाने वाले शंभू नाथ दूबे अपने सादगीपूर्ण स्वभाव और सामाजिक सरोकारों के कारण लोगों के बीच बेहद सम्मानित थे।
श्री दूबे उन व्यक्तित्वों में शामिल थे जो हमेशा समाज के सुख-दुख में सहभागी बनने के लिए जाने जाते थे।किसी भी सामाजिक कार्य,पारिवारिक आयोजन या जरूरतमंद की सहायता की बात हो वे हमेशा आगे बढ़कर अपनी जिम्मेदारी निभाते थे।उनके मिलनसार स्वभाव और सहज व्यवहार के कारण समाज के हर वर्ग के लोग उनसे गहरा जुड़ाव महसूस करते थे।
उनके परिवार में दो पुत्र हैं। बड़े पुत्र पंकज दुबे शिक्षक हैं और शिक्षा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे हैं जबकि दूसरे पुत्र विक्की आनंद मद्रास में रेलवे ऑडिट सेक्शन में कार्यरत हैं।शंभू नाथ दूबे शहर के जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता नवीन तिवारी के फूफा थे जिसके कारण सामाजिक और पारिवारिक दोनों ही स्तरों पर उनका व्यापक संबंध रहा।
उनके निधन की खबर सुनते ही रेड़मा स्थित उनके आवास पर शुभचिंतकों,परिचितों और समाज के लोगों का तांता लग गया।हर किसी की आंखें नम थीं और लोग उनके साथ बिताए गए पलों को याद कर गहरी संवेदना व्यक्त कर रहे थे।क्षेत्र के लोगों ने इसे समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
श्री दूबे का अंतिम संस्कार शुक्रवार को उनके पैतृक गांव बरिगांवा में किया जाएगा जहां परिजनों और शुभचिंतकों की उपस्थिति में उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी।उनके निधन से परिवार के साथ-साथ पूरा समाज शोकाकुल है और लोग उनके सरल,संवेदनशील और समाजसेवी व्यक्तित्व को लंबे समय तक याद करते रहेंगे।

