समाजसेवी गुप्तेश्वर मिश्रा का आकस्मिक निधन, मेदिनीनगर शोक में डूबा
मेदिनीनगर।
समाजसेवा, कर्मनिष्ठा और मानवीय संवेदनाओं की जीवंत मिसाल रहे बिजली विभाग के संवेदक गुप्तेश्वर मिश्रा अब हमारे बीच नहीं रहे। बीती रात हृदयाघात से उनका अहले सुबह निधन हो गया। उनके असामयिक अवसान से मेदिनीनगर स्तब्ध है—शहर की गलियों से लेकर सामाजिक मंचों तक शोक की एक गहरी चुप्पी पसरी हुई है।
देर रात सीने में तेज बेचैनी की शिकायत के बाद परिजन उन्हें तत्काल नारायणी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन नियति के आगे सभी प्रयास निष्फल सिद्ध हुए। जिसने जीवन भर दूसरों के दुःख को अपना समझा, जो हर जरूरतमंद के लिए ढाल बनकर खड़ा रहा—उसका यूँ अचानक चले जाना आज भी विश्वास से परे लग रहा है।
रविवार दोपहर पंपू कल बेलवाटिका स्थित मुक्ति धाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। बड़े पुत्र राहुल मिश्रा ने नम आँखों और भारी हृदय से पिता को मुखाग्नि दी। उस क्षण न केवल एक पुत्र ने पिता को विदा किया, बल्कि शहर ने अपना एक भरोसेमंद अभिभावक खो दिया।
गुप्तेश्वर मिश्रा सरल,मिलनसार और जमीन से जुड़े व्यक्तित्व के धनी थे।उनका घर और उनका मन दोनों हमेशा जरूरतमंदों के लिए खुले रहते थे।वे समाज के हर सुख-दुःख में बिना बुलाए खड़े मिलते थे।उनके निधन से न सिर्फ एक परिवार का सहारा छिन गया बल्कि समाज ने एक संवेदनशील,कर्मठ और निःस्वार्थ सेवक को खो दिया है जिसकी भरपाई आसान नहीं।
उनके पुत्र राहुल मिश्रा, जो शहर के जाने-माने समाजसेवी हैं और खुला मंच व्हाट्सएप ग्रुप के कोषाध्यक्ष के रूप में सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ा रहे हैं, पर पिता के साये के अचानक उठ जाने से दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।पूरा शहर इस शोक की घड़ी में परिवार के साथ खड़ा है।
श्री मिश्रा के निधन पर माटी कला बोर्ड के सदस्य अविनाश देव,खुला मंच व्हाट्सएप ग्रुप के अध्यक्ष नवदीप सिंह ऋषि, एडमिन रजनीश सिंह,मीडिया प्रभारी सह प्रवक्ता नवीन तिवारी, लायंस क्लब ऑफ डाल्टनगंज के सचिव लायन प्रभात कुमार अग्रवाल,युवा भाजपा नेता आशीष भारद्वाज,रितेश कुमार टिंकू,नीरज राज,भावी मेयर प्रत्याशी राज कुमार गुप्ता टिंवकल,पूर्व वार्ड आयुक्त लाल बाबू, ललन सिन्हा,बिल्लू सिंह, नवीन शरण,हिमांशु शेखर, राष्ट्रीय परशुराम युवा वाहिनी के पलामू जिला अध्यक्ष मनीष ओझा,अमित सिन्हा,नितिन आलोक,शशिकांत आरडी,रवि तिवारी, बबलू चावला,सुरज सिन्हा,चंदन पाल सिंह व पदमाकर वर्मा सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं व जनप्रतिनिधियों ने उनके दाह संस्कार में शामिल होकर गहरा शोक व्यक्त किया।
सभी ने एक स्वर में दिवंगत आत्मा की शांति और शोकसंतप्त परिवार को इस असहनीय पीड़ा को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।
गुप्तेश्वर मिश्रा भले ही आज हमारे बीच शारीरिक रूप से नहीं हैं, लेकिन उनकी सेवा, सादगी और संवेदनशीलता की स्मृतियाँ मेदिनीनगर के दिलों में हमेशा जीवित रहेंगी।

