श्मशान घाट का चापाकल एक साल से खराब, ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर कराया ठीक

शमशान घाट में एक वर्ष से खराब पड़ा चापाकल, शव जलाने के दौरान पानी को तरसे लोग

जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर कराई मरम्मत

झारखंड सरकार के पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी रहे बेअसर, विभाग और पंचायत की निष्क्रियता पर ग्रामीणों में नाराजगी

मेराल। झारखंड सरकार द्वारा भीषण गर्मी से निपटने के लिए जल संकट जैसी समस्या न हो खराब चापाकलों की शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद मेराल प्रखंड के मेराल पूर्वी पंचायत के पुरवारा टोला स्थित शमशान घाट में एक वर्ष से खराब पड़े चापाकल की सुध लेने वाला कोई नहीं है। नतीजतन शनिवार को पूर्व मुखिया सुषमा कुशवाहा के ससुर का शव जलाने के दौरान पानी के अभाव से जूझ रहे ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से क्षुब्ध होकर स्वयं चंदा जुटाकर चापाकल की मरम्मत कराने का निर्णय लिया।

ग्रामीणों ने बताया कि अंतिम संस्कार के दौरान पानी की आवश्यकता पड़ने पर लोगों को काफी दूर से पानी लाना पड़ा, जिससे भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल बैठक कर निर्णय लिया कि यदि पंचायत और विभाग अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल हैं, तो जनसहयोग से ही इस मूलभूत सुविधा को बहाल किया जाएगा।

ग्रामीणों का कहना है कि शमशान घाट के चापाकल की मरम्मत के लिए वार्ड सदस्य द्वारा कई बार पंचायत के मुखिया एवं संबंधित विभाग को सूचना दी गई, बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे स्पष्ट होता है कि आमजन की बुनियादी समस्याओं के प्रति जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों का रवैया गंभीर नहीं है।

बैठक में प्रत्येक ग्रामीण से 20 रुपये का सहयोग लेने का निर्णय लिया गया, जिसके बाद चापाकल की मरम्मत का कार्य शुरू कराया गया। ग्रामीणों ने कहा कि जब पंचायत और विभाग के पास इस छोटे से कार्य के लिए भी समय और संसाधन नहीं हैं, तब मजबूर होकर आम लोगों को ही जिम्मेदारी उठानी पड़ रही है।

जनसहयोग अभियान में रूपु महतो, देवव्रत मेहता, विनेश मेहता, सुनील मेहता, सियाराम जी, अजय रजक, जितेंद्र रजक, अनुज साह, अर्जुन शर्मा, रंजीत कुमार, मनोज रजक, रामजी कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने आर्थिक सहयोग दिया।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि शमशान घाट सहित पंचायत के सभी सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल व्यवस्था की समीक्षा कराई जाए तथा वर्षों से लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि भविष्य में लोगों को ऐसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

इस सम्बन्ध में मुखिया रामसागर महतो से पूछने पर बताया कि पंचायत में चापकल रिपेयरिंग का कार्य जारी है शमशान घाट का चापकल लिस्ट में है पहले बनवाया गया था लेकिन कुछ लोग जानबूझकर खराब कर देते हैं। इस लिए शव जलाने में परेशानी हुई है लोग हम पर गलत इल्ज़ाम लगा रहे हैं।