रिश्वत मांगने के आरोप में तरहसी थाना प्रभारी निलंबित, एसपी की बड़ी कार्रवाई

रिश्वत मांगने के आरोप में तरहसी थाना प्रभारी निलंबित, शिकायत के बाद एसपी की कार्रवाई
मेदिनीनगर: पलामू के तरहसी थाना प्रभारी आनंद राम को रिश्वत मांगने और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोपों के बाद निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई पलामू एसपी कपिल चौधरी के निर्देश पर प्रारंभिक जांच में आरोपों को गंभीर पाए जाने के बाद की गई। मामले की विभागीय जांच जारी है।
मामला 11 मई 2026 का है। शिकायतकर्ता संतोष मेहता के अनुसार, थाना प्रभारी ने अवैध खनन के संदेह में एक जेसीबी, एक टिपर और बाद में उनके घर के बाहर खड़े ट्रैक्टर को भी जब्त कर लिया। शिकायतकर्ता का दावा है कि संबंधित भूमि रैयती थी, जहां केवल समतलीकरण का कार्य हो रहा था।
अंचलाधिकारी, अंचल अमीन, राजस्व उपनिरीक्षक और अंचल निरीक्षक की संयुक्त जांच में 17 मई को स्पष्ट किया गया कि भूमि रैयती है तथा वहां अवैध खनन नहीं हो रहा था। इसके बाद जिला खनन पदाधिकारी द्वारा गठित संयुक्त जांच टीम, जिसमें स्वयं थाना प्रभारी भी शामिल थे, ने भी अपनी रिपोर्ट में अवैध खनन नहीं मिलने की पुष्टि की। रिपोर्ट के आधार पर 13 जून को वाहनों को मुक्त करने का निर्देश जारी किया गया, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद वाहन कई दिनों तक थाने में ही रोके रखे गए।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि वाहनों को छोड़ने के एवज में पहले पांच लाख रुपये की मांग की गई, बाद में यह राशि घटाकर तीन लाख रुपये कर दी गई। उनका दावा है कि उन्होंने दो लाख रुपये देने के बावजूद वाहन नहीं छोड़ा गया और बाद में अतिरिक्त रकम की मांग जारी रही। शिकायतकर्ता ने बातचीत के ऑडियो और अन्य साक्ष्य भी उपलब्ध कराए हैं, जिनमें पैसों के लेनदेन की चर्चा सुनाई देती है।
पूरे मामले की शिकायत पलामू एसपी से की गई, जिसके बाद एसडीपीओ प्रशांत कुमार को जांच सौंपी गई। जांच के दौरान शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि उन पर शिकायत वापस लेने के लिए विभिन्न माध्यमों से दबाव बनाया गया।
प्रारंभिक जांच के बाद पलामू एसपी कपिल चौधरी ने थाना प्रभारी आनंद राम को निलंबित कर दिया। इस कार्रवाई को पुलिस विभाग में जवाबदेही और पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।