“रैयती जमीन पर जबरन सड़क निर्माण का आरोप, PWD इंजीनियर और ठेकेदार पर FIR की मांग

पीडब्ल्यूडी के कार्यपालक अभियंता, कनीय अभियंता व संवेदक पर प्राथमिकी के लिये आवेदन
मामला- मेराल के अरंगी गांव में जबरन रैयती जमीन पर बने बाउंड्रीवाल गिराकर सड़क बनाने का

गढवा : पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता प्रदीप कुमार, कनीय अभियंता शुभम तिवारी, सडक निर्माण करा रहे संवेदक विजय कंस्ट्रक्शन के मैनेजर राजीव रंजन सहित दो अन्य पर मेराल थाने में एफआईआर दर्ज कराने के लिये ऑनलाईन आवेदन दिया गया है. मेराल थाना क्षेत्र के अरंगी गांव निवासी संतोष प्रजापति ने एसपी से मिलकर आवेदन दिया था और एसपी के निर्देशानुसार मेराल थाने में ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराने के लिये आवेदन भेजा गया है. आवेदन में कहा गया है कि अरंगी मोड से विकताम तक बन रही सडक के दौरान उन्हें बिना कोई नोटिश दिये उनकी जमीन पर बने बाउंड्रीवाल को निर्माण कंट्रक्शन कंपनी की ओर से गिरा दिया गया है. साथ ही उनकी जमीन पर सड़क निर्माण किया जा रहा है. जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो उन्हें थाने में लेजाकर बेवजह दिनभर भूखे-प्यासे थाने में बैठाया गया और देर रात छोड़ा गया. इस दौरान संवेदक के मैनेजर राजीव रंजन की ओर से कहा गया कि इस स्थल पर ब्रिज टेढ़ा है, इसलिये वे उसी हिसाब से सड़क निर्माण करेंगे. ज्यादा फड़फड़ाने पर उन्हें अंदर करवा दिया जायेगा.
कई अन्य लोगों को भी नहीं मिला है जमीन का मुआवजा

श्रीप्रजापति ने बताया कि सड़क निर्माण के दौरान काफी किसानों की रैयती जमीन का अधिग्रहण किया जाना है. अभी तक न सही तरीके से मापी हुयी है न ही मुआवजा के लिये कोई पहल की गयी है. ठेकेदार के मैनेजर राजीव रंजन की मौजूदगी में सैकड़ो पेंड गिरा दिये गये और किसानों की जमीन में जबरन मिट्टी भराई की गयी है. विरोध करने पर पुलिस बुलाकर खदेड़ा जा रहा है. इस संबंध में मेराल सीओ ने कहा कि सडक बनने में जमीन लेने पर पहले मुआवजा का प्रावधान है लेकिन यहां तो सही ढंग से मापी भी नहीं हुयी और जमीन लूटा जाने लगा है. इधर इस मामले में दर्जन भर से अधिक ग्रामीणों ने अलग-अलग आवेदन देकर बगैर मुआवजा के जमीन पर सड़क निर्माण कार्य रोकने और सडक निर्माण करा रही कंपनी के मैनेजर के दबंगई से राहत दिलाने की मांग की है.