परासपानी खूर्द गांव के प्रवासी मजदूर की छत से गिरकरने से हैदराबाद में दर्दनाक मौ

परासपानी खूर्द गांव के प्रवासी मजदूर की छत से गिरकरने से हैदराबाद में दर्दनाक मौत

एक ही गांव में दो की मौत गांव मातम

धुरकी प्रतिनिधि। धुरकी थाना क्षेत्र अंतर्गत प्रखंड क्षेत्र के परासपानीखुर्द गांव मे दुसरी बार घटना घटी है एक प्रवासी मजदूर की मौत से शोक की लहर दौड़ गई है। आंध्रप्रदेश के हैदराबाद में मजदूरी कर रहे 38 वर्षीय आदिम-जाति युवक उपेन्द्र कोरवा की काम के दौरान छत से गिरने के बाद संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मंगलवार को हैदराबाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई और गुरुवार शाम को शव एंबुलेंस से पैतृक गांव पहुंचा शव पहुंचते ही पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई। मृतक नवजवान मजदूर के परिजनों के अनुसार, उपेन्द्र करीब एक साल पहले परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए अपने गांव घर से पलायन कर हैदराबाद गया था। बताया गया की गत सोमवार को काम के दौरान अचानक वह छत से गिरने के बाद गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद उसके साथी मजदूरों ने तुरंत अस्पताल पहुंचाया, लेकिन मंगलवार को इलाज के क्रम मे उसकी मौत हो गई आपको बता दें की महज एक सप्ताह में इस गांव मे दो नवजवान मजदूर का शव अबतक आ चुका है
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले एक सप्ताह के अंदर इसी गांव के दो आदिमजाति मजदूरों की मौत हो चुकी है, जिससे पूरे इलाके में मातम का माहौल छा गया है। वही उपेन्द्र अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गया हैं। पिता विशुनधारी कोरवा ने रोते हुए बताया, “उपेन्द्र परिवार का एकमात्र कमाउ था वही सहारा था। अब हमारे सामने भुखमरी का संकट खड़ा हो गया है। घटना की सूचना मिलते ही जिला परिषद सदस्य सुनीता कुमारी, विधायक प्रतिनिधि लक्ष्मण प्रसाद यादव, उप प्रमुख धर्मेंद्र यादव, मुखिया प्रतिनिधि इस्लाम खान, राम प्रवेश यादव, हरिनारायण यादव, उपमुखिया धीरेंद्र कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि परिजनों के घर पहुंचे और उन्हें सांत्वना दी।ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि गांव-स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया जाए ताकि मजदूरों को पलायन के लिए मजबूर न होना पड़े। इधर ठेकेदार और कंपनी ने मृतक परिवार को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि देने की घोषणा की है, जिसमें 2 लाख रुपये तत्काल नकद दिया शेष राशि हैदराबाद से लौटकर दी जाएगी। गांव में अभी भी मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।