पूर्व विधायक के नेतृत्व में डीसी से मिला बनुआ गांव के आदिवासी परिवार
पूर्व विधायक के नेतृत्व में डीसी से मिला बनुआ गांव के आदिवासी परिवार, लगाई न्याय की गुहार
बंदूक के बल पर गरीबों का जमीन लूटना चाहते हैं सामंती ताकते: सत्येन्द्रनाथ
गुरूवार को मेराल प्रखंड के बनुआ गांव के आदिवासी परिवार का एक प्रतिनिधिमंडल भाजपा के पूर्व विधायक सत्येन्द्रनाथ तिवारी के नेतृत्व में डीसी से मिला। इस दौरान ग्रामीणों ने डीसी को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई। ग्रामीणों ने कहा कि उक्त लोग वर्षो से मकान बनाकर उक्त जमीन पर अपना जीवकोपार्जन कर रहे है। लेकिन दंबग किस्म के लोग उनलोगों के जमीन को अपना बता रहे है। पूर्व विधायक ने कहा कि सामंती लोग आदिवासी परिवारों का बंदूक और राइफल का भय दिखाकर जमीन लूटना चाहते है। जबकि उक्त गांव के करीब 70 से अधिक आदिवासी परिवार वर्षो से मकान बनाकर रह रहे है। सभी आदिवासी परिवारों के जमीन का रसीद भी कटता है। पूर्व विधायक ने कहा कि उनके रहते कोई भी ताकत गरीबों, दलितों और आदिवासियों पर अत्याचार नहीं कर सकता है। वह शुरू से ही सामंती ताकतों का विरोधी रहे है। जब-जब सामंती लोग गरीबों पर जुल्म करने का प्रयास किए है। हर समय वह गरीबों के पक्ष में जनआंदोलन के माध्यम से उन्हें न्याय दिलाने का भरपूर प्रयास किए है। उन्होंने कहा कि डीसी और एसपी ने भी आदिवासी परिवारों को बगैर किसी भय में अपना जमीन पर काबिज रहने को कहा है। दोनों अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि गरीबों के साथ किसी भी तरह का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। पूर्व विधायक ने कहा कि झामुमो सरकार में रक्षक ही भक्षक बन गया है। उन्होंने मंत्री मिथिलेश ठाकुर पर आरोप लगाते हुए कहा कि मंत्री के संरक्षण में ही सामंती लोग फल-फूल रहे है। मंत्री गरीबों का न्याय करने के बजाए मौके पर लोगों के बीच शराब का वितरण कराने में मशगूल है। उन्होंने कहा कि पिछले 22 दिनों से एक व्यक्ति अपनी साली के हत्यारों को सजा दिलाने के लिए आमरन अनशन पर बैठा था। लेकिन मंत्री ने उक्त व्यक्ति का शुद्धि लेना भी उचित नही समझे। उन्होंने कहा कि बुधवार शाम को वह उक्त व्यक्ति को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाकर अनशन तोड़वाया। पूर्व विधायक ने कहा कि उनके रहते किसी भी गरीबों का जमीन को लूटने नही दिया जाएगा। इस दौरान महेन्द्र सिंह, भोला सिंह, अनूज सिंह, प्रेमन सिंह, विनोद सिंह, सुरेन्द्र राम, अंजली देवी, नरेश सिंह, नवीन सिंह, रवि सिंह, ममता देवी सहित अन्य ग्रामीण मौजूद थे।
