मिड-डे-मील की अव्यवस्था से सहमीं छात्राएँ पहुँचीं बीडीओ के पास, रसोईया पर दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप

: पलामू जिले के सतबरवा (सतबरा) प्रखंड अंतर्गत बकोरिया पंचायत के राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय बकोरिया में मिड-डे-मील की अनियमितता और रसोईया के दुर्व्यवहार से क्षुब्ध छात्र-छात्राओं ने शुक्रवार को प्रखंड कार्यालय पहुँचकर बीडीओ सह सीओ कृष्ण मुरारी तिर्की से न्याय की गुहार लगाई।

छात्राओं ने बताया कि स्कूल में अक्सर खाना नहीं बनता या देर से बनता है। जब भी इसकी शिकायत की जाती है तो रसोईया भड़क जाती है और ईंट-पत्थर उठाकर उन्हें मारने दौड़ती है। एक छात्रा ने रोते हुए कहा, “मैडम कहती हैं – खुद बनाकर खाओ। कई बार हमलोग खुद चावल-दाल लेकर आते हैं और सहेलियों के साथ मिलकर खाना बनाते हैं।”

छात्रों ने प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी अरविंद कुमार से भी मुलाकात कर बताया कि गुरुवार को तो रसोईया ने गुस्से में रसोई घर में ताला लगा दिया था। साथ ही धमकी दी कि “शिकायत करोगे तो तुम्हारा नाम काट दूँगी, स्कूल से निकाल दूँगी।”

मौके पर पहुँचे बकोरिया पंचायत के मुखिया संतोष उरांव ने स्वीकार किया कि स्कूल में चार रसोईया नियुक्त हैं, लेकिन नियमित सिर्फ दो ही आती हैं। उन्होंने कहा, “छात्रों की शिकायत लगातार आ रही है। जल्द ही ग्राम सभा बुलाकर नई रसोईया चयन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।”

मनिका विधायक प्रतिनिधि प्रमोद यादव, पंचायत समिति सदस्य कविता कुमारी, प्रेमचंद उरांव, पिंटू अंसलम, अरुण कुमार साहू, नाजिम रजा समेत कई जनप्रतिनिधि भी छात्रों के साथ मौजूद रहे। सभी ने रसोई घर का निरीक्षण किया और खाने की गुणवत्ता जाँची।

स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक ने बताया कि विद्यालय में कुल 240 बच्चे नामांकित हैं, जिनमें ज्यादातर आदिवासी एवं पिछड़े परिवारों से हैं।

बीडीओ कृष्ण मुरारी तिर्की ने आश्वासन दिया कि मामले की जाँच कराई जाएगी और शिक्षा विभाग के पदाधिकारी को तत्काल सूचित किया जा रहा है। साथ ही रसोईया के खिलाफ उचित कार्रवाई की बात कही।

छात्राओं की आँखों में आँसू और आवाज में डर साफ दिख रहा था। उनकी एक ही माँग थी – “सर, हमें रोज़ खाना मिले और कोई हमें डराए-धमकाए नहीं।”

You may have missed