पीडीएस चावल की कथित कालाबाजारी पर ग्रामीणों का शिकंजा, दो वाहन पकड़े गए

भाटडीह चावल गोदाम से 800 बोरा चावल ले जाने का प्रयास विफल, जांच शुरू

जमुआ: जमुआ प्रखंड क्षेत्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत गरीबों के लिए आवंटित चावल की कथित कालाबाजारी का मामला सामने आया है। भाटडीह स्थित सरकारी चावल गोदाम से रात के समय लगभग 800 बोरा चावल बाहर ले जाने के प्रयास को ग्रामीणों की सतर्कता से विफल कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों ने शुक्रवार देर रात चावल से लदे दो वाहन को संदिग्ध परिस्थिति में जाते देखा। संदेह होने पर उन्होंने वाहन को बीच रास्ते में रोक लिया और इसकी सूचना स्थानीय जनप्रतिनिधियों को दी। सूचना मिलने के बाद प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि संजीत यादव सहित अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी प्रशासन को दी।

सूचना पर जमुआ थाना पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची तथा चावल लदे वाहन को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस द्वारा वाहन से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है और मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है।

प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि संजीत यादव ने आशंका जताई है कि इस पूरे मामले में कुछ प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता हो सकती है। उन्होंने कहा कि जांच आगे बढ़ने पर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। वहीं स्थानीय ग्रामीण बैजू यादव ने आरोप लगाया कि गरीबों के अधिकारों से जुड़े अनाज की लगातार हेराफेरी की जा रही है और ग्रामीणों की सतर्कता के कारण बड़ी मात्रा में चावल बाजार में जाने से बच गया।

दूसरी ओर, सीएमआर एजेंट मदन मोहन ने भी इस मामले में अपना पक्ष रखा है। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि चावल का परिवहन नियमानुसार किया जा रहा था या फिर सरकारी अनाज की कालाबाजारी का प्रयास था।

प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच तथा वाहन में मिले दस्तावेजों के सत्यापन का आश्वासन दिया है। इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और लोग जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला गरीबों के लिए आवंटित राशन की हेराफेरी से जुड़ा एक गंभीर प्रकरण साबित हो सकता है।