पांकी पश्चिमी पंचायत में अबुआ और पीएम आवास में मची अंधेरगर्दी, लाखों का भ्रष्टाचार उजागर

रोजगार सेवक बिचौलियों से करवाते हैं लाभुकों से पैसे की वसूली, सोशल मीडिया में वीडियो हुआ वायरल

पैसा वसूलने के बाद भी लाभुकों के खाते में नहीं भेजी जा रही है मजदूरी राशि, लाभुक परेशान

पांकी प्रखंड के पांकी पश्चिमी पंचायत में अबुआ आवास और प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित रूप से फर्जीवाड़ा का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। सरकार की अत्यंत महत्वाकांक्षी अबुआ आवास और प्रधानमंत्री आवास योजना में मजदूरी के पैसे फर्जी तरीके से बिचौलियों द्वारा निकाल लिया जा रहा है। आधा दर्जन से अधिक लाभुकों के आवास मद के मजदूरी राशि रोजगार सेवक रंजीत शर्मा के द्वारा लाभुकों की जगह बिचौलिए के खाते में भेज दी गई। मजदूरी राशि पाने के लिए लाभुक आज भी परेशान है। जिनके खाते में राशि भी भेजी गई है, उनसे मांगने पर लाभुक को धमकाया जा रहा है। आरोप है कि पहले आवास योजना की सूची में नाम दर्ज कराने के लिए रिश्वत वसूले गए और जब आवास स्वीकृत हुआ तो लाभार्थी की आवास मद की मनरेगा योजना से मिलने वाली मजदूरी राशि बिचौलियों के खाते में भेज दी गई। अबुआ आवास और पीएम आवास के लाभुकों को बगैर जानकारी के ही मजदूरी राशि बिचौलियों के खाते में संबंधित अधिकारियों के द्वारा भेजी जा रही है। जिसे आवास योजना के लाभुक काफी परेशान हैं। मिली जानकारी के अनुसार पांकी पश्चिमी पंचायत के निमाचक गांव निवासी किरण देवी पति मनीष कुमार भुइयां और मिनवा देवी पति प्रयाग भुइयां को अबुआ आवास योजना स्वीकृत हुआ है। लाभुक किरण देवी और मिनवा देवी के द्वारा आवास भी बनाया जा रहा है। डोर लेवल तक आवास का कार्य भी पूर्ण कर किया गया है। आवास मद में मनरेगा योजना से मिलने वाली मजदूरी राशि उनके खाते में भेजने की जगह बिचौलियों के खाते में भेज दी गई। जिसे मनरेगा के वेबसाइट पर ऑनलाइन देखा जा सकता है। किरण देवी का आरोप है कि उनके आवास मद की 13536 रुपए मजदूरी राशि फर्जीवाड़ा कर निकाल लिया गया है। इसी तरह मिनवा देवी के आवास में 15228 रुपए मजदूरी राशि फर्जी तरीके से निकाल ली गई। गांव के कई ग्रामीणों ने बताया कि सिर्फ दो ही लाभुकों के के साथ ऐसा नहीं हुआ है, पंचायत में दर्जनों आवास लाभुकों के साथ इस तरह की फर्जीवाड़ा किया गया है। आरोप है कि रोजगार सेवक रंजीत शर्मा पंचायत में पैसा वसूलने का जिम्मा फगुनी सिंह को दे रखा हैं। फगुनी सिंह लाभुकों से पैसा वसूलने के बाद रोजगार सेवक तक पहुंचाते हैं। फगुनी सिंह आवास योजना के लाभुकों के घर जाकर मजदूरी राशि डलवाने के नाम पर 4 – 4 हजार की वसूली किया है। जिसका वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में फगुनी सिंह लाभुकों से कहते नजर आ रहे हैं कि रोजगार सेवक को पैसा देना है, चार हजार पैसा दीजिए, मजदूरी राशि डलवा देंगे। आरोप है कि पैसा वसूलने के बाद भी लाभुकों के खाते में मजदूर राशि नहीं पहुंचा। लाभुकों की जगह फगुनी सिंह स्वयं और अपने परिवार वालों के खाते में मजदूरी राशि डलवा लिया। लाभुकों ने मामले की शिकायत ब्लॉक में जाकर किया, लेकिन वहां उन्हें न्याय नहीं मिला। लाभुकों का कहना कि रोजगार सेवक के द्वारा उनका जॉब कार्ड डिलीट कर दिया गया है। फगुनी सिंह और रोजगार सेवक लाभुकों को अनेकों प्रकार से धमकी दिलवा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाए तो इस पंचायत में करोड़ों रुपए का घोटाला उजागर हो सकता है। रोजगार सेवक रंजीत शर्मा जगह-जगह पैसा वसूलने के लिए बिचौलियों को लगा दिए हैं।

क्या कहते हैं रोजगार सेवक रंजीत शर्मा

इस संबंध में रोजगार सेवक रंजीत शर्मा ने बताया कि लाभुकों का जॉब कार्ड डिलीट होने के कारण दूसरे व्यक्ति के जॉब कार्ड के माध्यम से मजदूरी राशि का भुगतान किया गया है। जिनके खाते में मजदूरी राशि का भुगतान हुआ है, उन्हें कहा गया है कि वह पैसा निकाल कर लाभुकों को पहुंचा दे। कुछ व्यक्ति पैसा निकाल कर लाभुक को अब तक नहीं दिए हैं, जिससे लाभुक नाराज है। बहुत जल्द सभी व्यक्ति से पैसा निकलवाने के बाद लाभुकों दे दिया जाएगा।

जांच के बाद दोषियों पर किया जाएगा कार्रवाई : बीपीओ

इस संबंध में मनरेगा बीपीओ बिष्णु मिश्रा ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है। मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। लाभुकों की जगह किसी दूसरे व्यक्ति के खाते में मजदूरी राशि का भुगतान कैसे हुआ, यह भी जांच होगी। जिनके खाते में मजदूरी राशि का भुगतान किया गया है, वह लाभुक से क्या रिश्ता रखता है। यह भी जांच का विषय है। मास्टर रोल का भी सत्यापन किया जाएगा। कहा कि किसी भी स्थिति में फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं करेंगे। फर्जीवाड़े में जो भी शामिल होंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

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