पांकी प्रखंड के करार पंचायत में मनरेगा योजना में हुई फर्जी निकासी, ग्रामीणों ने पंचायत कर्मियों पर लगाए कई गंभीर आरोप

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पांकी प्रखंड के करार पंचायत में मनरेगा योजना में हुई फर्जी निकासी, ग्रामीणों ने पंचायत कर्मियों पर लगाए कई गंभीर आरोप

पांकी प्रखंड के करार पंचायत के पुरुषोत्तम पुरा गांव में वर्ष 2021-22 में मनरेगा योजना के तहत राजेश उरांव के घर से हरू मोची के घर होते हुए बसकटिया नदी तक मिट्टी मोरम पथ निर्माण के कार्य में फर्जी निकासी करने का दर्जनों ग्रामीणों ने पंचायत कर्मियों पर आरोप लगाया है, इस मामले को लेकर दर्जनों ग्रामीणों ने उपायुक्त समेत उप विकास आयुक्त को लिखित शिकायत पत्र सौंप कर कार्रवाई की मांग की है, आवेदन के माध्यम से ग्रामीणों ने बताया है कि उक्त पथ पर पहले से ही ग्रेड वन का कार्य हुआ है जिसे दिखाकर 147663 रुपए की निकासी कर ली गई है, जबकि उक्त पथ में एक भी मजदूर काम नहीं किए।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पंचायत के रोजगार सेवक पंचायत सचिव एवं मुखिया सभी मिलकर फर्जी निकासी करते हैं जिससे सभी ग्रामीणों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है, शुक्रवार को पुरुषोत्तमपुर के ग्रामीण दिनेश उरांव रामेश्वर उरांव सागर उरांव वीरेंद्र उरांव सीमा उरांव गंगोत्री देवी सहित अन्य ग्रामीणों ने स्थल पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करते हुए कहा कि उक्त सड़क पर मिट्टी मोरम का कोई कार्य नहीं हुआ लेकिन 147663 की निकासी कैसे हो गई यह जांच का विषय है, उन्होंने कहा कि यह सड़क का निर्माण कार्य वर्ष 2008 में हुआ था और एवं रिपेयरिंग 2014-15 में हुआ था इसके बाद उक्त सड़क पर कोई कार्य नहीं हुआ बावजूद इसे नया बतलाकर पैसे की निकासी की जा रही है, मामले का उद्भेदन होने के डर से शुक्रवार को कुछ बिचौलियों ने बगैर जॉब कार्ड धारी चार लोगों को सड़क कार्य में लगाया था जिसे ग्रामीणों ने विरोध कर हटा दिया।
ग्रामीणों ने एक स्वर में उक्त मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि कुछ दिन पूर्व मनरेगा लोकपाल के द्वारा उक्त योजना की जांच भी की गई थी लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इस संबंध में मनरेगा बीपीओ ने बताया कि मामले की जानकारी उन्हें प्राप्त हुई है, कुछ दिन पूर्व उक्त योजना की जांच मनरेगा लोकपाल के द्वारा की गई थी।
इस संबंध में पंचायत सचिव प्रमोद सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी उन्हें नहीं है रोजगार सेवक से जानकारी प्राप्त करें।
इस संबंध में जब ग्रामीण रोजगार सेवक संतोष कुमार से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनका मोबाइल बंद पाया गया।

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