पांकी में समाजसेवी उमेश यादव ने अपने निजी खर्चे से बरूनाही- हेडूम गड़ीहारा मुख्य पथ का मरम्मत कार्य करवाया शुरू, ग्रामीणों में हर्ष
पांकी में समाजसेवी उमेश यादव ने अपने निजी खर्चे से बरूनाही- हेडूम गड़ीहारा मुख्य पथ का मरम्मत कार्य करवाया शुरू, ग्रामीणों में हर्ष
आजादी से लेकर आज तक नहीं बनी पक्की सड़क बरसात में ग्रामीणों को हो रही थी मुश्किलें
पांकी
आजादी के दशकों बीत जाने के बाद भी बुनियादी सुविधाओं को तरसते सुदूरवर्ती ग्रामीणों के लिए आखिरकार उम्मीद की एक नई किरण जगी है। पांकी प्रखंड के अत्यंत दुर्गम क्षेत्र स्थित हेडूम-गड़ीहारा मुख्य सड़क (कुल लंबाई लगभग 4 किलोमीटर) के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू हो गया है। जनप्रतिनिधियों की लगातार अनदेखी और प्रशासनिक उदासीनता से तंग आकर जब ग्रामीणों ने खुद अपनी तकदीर बदलने का फैसला किया, तो उनके इस हौसले को मजबूत करने के लिए समाजसेवी उमेश यादव सामने आए।
आजादी के बाद से पक्की सड़क का इंतजार
हेडूम, गड़ीहारा, बरूनाही, जशपुर और मलवार जैसे आधा दर्जन गांवों को जोड़ने वाली यह मुख्य सड़क आजादी के बाद से अब तक पक्की नहीं हो सकी है। हर साल बरसात के मौसम में यह मार्ग कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हो जाता था, जिससे पैदल चलना भी दूभर हो जाता था। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाना हो या बच्चों का स्कूल जाना, ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। स्थानीय प्रतिनिधियों से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद जब स्थिति नहीं बदली, तो ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया।
सड़क की बदहाली से परेशान होकर स्थानीय ग्रामीणों ने एक बैठक की और आपसी सहयोग से श्रमदान कर सड़क मरम्मत करने का संकल्प लिया। ग्रामीणों का यह फैसला प्रशासनिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों के रवैये पर एक करारा तमाचा था।
ग्रामीणों के इस जज्बे और एकजुटता को देखकर समाजसेवी उमेश यादव प्रभावित हुए और उन्होंने तुरंत सहयोग का हाथ बढ़ाया। उन्होंने निर्माण कार्य को गति देने के लिए अपनी ओर से जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर उपलब्ध कराए। बीते कई दिनों से इस 4 किलोमीटर लंबे मार्ग पर मिट्टी-मुरम बिछाने और समतलीकरण का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है।
समाजसेवी उमेश यादव की इस निस्वार्थ पहल से ग्रामीणों में भारी उत्साह है। हेडूम, गड़ीहारा और आसपास के गांव के लोगों ने उनके इस सराहनीय कार्य की जमकर तारीफ की है। ग्रामीणों का कहना है कि जहां चुनाव जीतने के बाद नेता अपने वादे भूल जाते हैं, वहीं उमेश यादव जैसे समाजसेवी बिना किसी स्वार्थ के जनसेवा में जुटे हैं। इस मरम्मत कार्य से आने वाले दिनों में हजारों की आबादी को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी।


