पांकी के मजदूर किसान महाविद्यालय में जिला स्तरीय ‘विकसित भारत युवा संसद 2026’ का हुआ भव्य आयोजन

पांकी के मजदूर किसान महाविद्यालय में जिला स्तरीय ‘विकसित भारत युवा संसद 2026’ का हुआ भव्य आयोजन

युवाओं को मिलेगा एक दिन का सांसद-विधायक बनने का अवसर

पांकी प्रखंड के मजदूर किसान महाविद्यालय के सभागार में रविवार को जिला स्तरीय “विकसित भारत युवा संसद 2026” का आयोजन अत्यंत उत्साह, गरिमा और सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों एवं विशिष्ट अतिथियों को अंगवस्त्र से सम्मानित कर से की गई। इसके पश्चात अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। छात्राओं द्वारा प्रस्तुत मधुर स्वागत गीत ने पूरे वातावरण को सांस्कृतिक गरिमा और राष्ट्रभावना से ओत-प्रोत कर दिया।
यह कार्यक्रम माय भारत (MyBharat) के तत्वावधान में “विकसित भारत @2047” के राष्ट्रीय विज़न के अनुरूप आयोजित किया गया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक सिद्धांतों और नीति-निर्माण की प्रक्रियाओं से जोड़ते हुए राष्ट्र निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना था। जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए छात्र-छात्राओं एवं युवाओं ने बड़ी संख्या में भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘आपातकाल के 50 वर्ष: भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक’ विषय पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता रही। प्रतिभागियों ने आपातकाल की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, नागरिक अधिकारों की रक्षा, प्रेस की स्वतंत्रता, न्यायपालिका की भूमिका और लोकतंत्र की मजबूती जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर तार्किक एवं प्रभावशाली ढंग से अपने विचार प्रस्तुत किए। युवाओं ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि लोकतंत्र की रक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक जागरूक नागरिक का कर्तव्य है। अपने संबोधन में पांकी प्रमुख श्री पंचम प्रसाद ने कहा कि युवा देश की ऊर्जा और शक्ति का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी का भाव उत्पन्न करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से सकारात्मक सोच और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। जिला परिषद सदस्या खुश्बू कुमारी ने कहा कि डिजिटल युग में आगे बढ़ रहे युवाओं को लोकतंत्र की जड़ों को समझना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि युवा संसद जैसे कार्यक्रम उन्हें स्वस्थ बहस, तार्किक चिंतन और संवाद की संस्कृति से परिचित कराते हैं। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. दिलीप कुमार राम ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उपलब्धि नहीं, बल्कि जिम्मेदार और नैतिक नागरिक तैयार करना है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पीएनडीयू निदेशक सह सांसद प्रतिनिधि श्री अक्षय कुमार ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब युवा नीति-निर्माण और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सक्रिय सहभागिता निभाएंगे। उन्होंने जानकारी दी कि उत्कृष्ट प्रतिभागियों को आगे चलकर सदन में अपनी बात रखने का अवसर प्रदान किया जाएगा। चयनित प्रतिभागियों को एक दिन के लिए सांसद या विधायक के रूप में कार्य करने का अवसर मिल सकता है, जिससे वे संसदीय प्रक्रिया को नजदीक से समझ सकेंगे। महाविद्यालय सचिव डॉ. बिन्देश्वर सिंह ने कहा कि कॉलेज परिवार विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ वैचारिक और लोकतांत्रिक मंच प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आयोजन समिति और प्रतिभागियों को सफल कार्यक्रम के लिए बधाई दी। कार्यक्रम के दौरान निर्णायक मंडल द्वारा प्रतिभागियों का मूल्यांकन विषयवस्तु, प्रस्तुति शैली, आत्मविश्वास और समय-प्रबंधन के आधार पर किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। पूरे आयोजन में युवाओं का उत्साह, अनुशासन और परिपक्व विचार स्पष्ट रूप से दिखाई दिए। यह आयोजन केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि युवाओं को लोकतंत्र की गहराई से समझने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हुआ।