नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर जागरूकता कार्यक्रम, महिलाओं के अधिकारों पर जोर

क्ति वंदन अधिनियम, 2023” विषय पर एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।

इस अवसर पर समाज की कई सक्रिय एवं सम्मानित महिला प्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें प्रमुख रूप से तुलिका सरावगी, भावना जैन, रेखा सरावगी, सोनी गोयल, मिक्कू अग्रवाल, रीता संथालिया, डॉली जालान, शीतल डालमिया, प्रिया जैन एवं लीना झुनझुनवाला शामिल रहीं। सभी ने एक स्वर में महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके अधिकारों को लेकर अपनी बात रखी।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को देश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक ऐतिहासिक और दूरगामी प्रभाव वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के माध्यम से लोकसभा एवं राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया गया है, जो महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में सशक्त भागीदारी प्रदान करेगा।

वक्ताओं ने इस बात पर भी विशेष जोर दिया कि जब-जब महिलाओं को अवसर मिला है, उन्होंने समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज विभिन्न क्षेत्रों—शिक्षा, स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था एवं सामाजिक नेतृत्व—में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है, जो एक सकारात्मक संकेत है।

साथ ही, केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया गया कि इन पहलों ने महिलाओं को आत्मनिर्भर, सुरक्षित और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अब आवश्यकता है कि यह सशक्तिकरण राजनीतिक और नीति निर्माण के उच्च स्तर तक भी पहुँचे।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में महिलाओं के अधिकारों, उनके सम्मान एवं नेतृत्व क्षमता के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। उपस्थित सभी वक्ताओं ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को देश की महिलाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक निर्णायक पहल बताया और इसके व्यापक समर्थन की अपील की।

कार्यक्रम सकारात्मक, प्रेरणादायक एवं सार्थक वातावरण में संपन्न हुआ।