मुख्यमंत्री के आदेश बेअसर, वित्त मंत्री के क्षेत्र में ‘खटिया’ सड़क ग्रामीण आक्रोश
मुख्यमंत्री के आदेश बेअसर, वित्त मंत्री के क्षेत्र में ‘खटिया’ सड़क ग्रामीण आक्रोश।
जर्जर सड़क को मुखिया ने निजी खर्चे से मरमती।
नौडीहा बाजार/पप्पू यादव
छतरपुर_पलामू जिले के छतरपुर प्रखंड अंतर्गत चराई पंचायत के सलैया गांव की बदहाली ने राज्य के विकास दावों की पोल खोल दी है। विडंबना यह है कि विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व स्वयं झारखंड के छतरपुर विधायक सह वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर कर रहे हैं, वहां की जनता आज भी एक अदद पक्की सड़क के लिए तरस रही है। महीनों पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस सड़क की जर्जर स्थिति का संज्ञान लिया था और पलामू उपायुक्त को त्वरित कार्रवाई का आदेश दिया था। परंतु, सत्ता के गलियारों में मुख्यमंत्री का आदेश और वित्त मंत्री का रसूख, दोनों ही सलैया की कीचड़ भरी पगडंडियों में दम तोड़ते नजर आ रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर जगह-जगह बने जानलेवा गड्ढों और नालियों के अभाव में गांव का संपर्क मुख्य मार्ग से कट चुका है। आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस गांव तक नहीं पहुँच पाती, जिसके कारण मरीजों को खटिया (खट) पर लादकर कई किलोमीटर पैदल ले जाना पड़ता है। स्थानीय युवा समाजसेवी सह पत्रकार मनोज कुमार गुप्ता की सक्रियता के बाद मामला मुख्यमंत्री तक पहुँचा था, पर प्रशासनिक सुस्ती ने ग्रामीणों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जो मंत्री पूरे राज्य का बजट तय करते हैं, उनके अपने ही क्षेत्र में सड़क निर्माण के लिए फंड की कमी क्यों है? व्यवस्था से तंग आकर चराई पंचायत के मुखिया रविंद्र राम ने अपने निजी खर्च से सड़क पर भीस डलवाकर मरम्मत कार्य शुरू कराया है। मुखिया ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि, “प्रशासन और सरकार को जनता की तकलीफों से कोई लेना-देना नहीं है। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी अगर काम न हो, तो यह अधिकारियों की मनमानी की पराकाष्ठा है।”
इस दौरान विरोध जताने और श्रमदान करने हेतु विपिन यादव, मदन यादव, मनोज यादव, विजय यादव, महेंद्र भैया, सनोज भुइया, प्रकाश भुइया, कैलाश भुइया, भोला साव, गुप्ता साहब सहित अनेकों ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्थाई समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन को विवश होंगे।


