“मनातू प्रखंड का मध्य विद्यालय: पढ़ाई का समय घटाकर बच्चों का भविष्य खतरे में”

विद्यालय में दो बजे ही छुट्टी कर,,मोबाइल चलाने में व्यस्त हो जाते हैं शिक्षक

विद्यालय में कार्यरत चार शिक्षकों में,,दो का ही होती है उपस्थित

मनातू (पलामू)मनातू प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बंसी खुर्द पंचायत में संचालित राजकीयकृत मध्य विद्यालय गवही में अजीबो गरीब मामला प्रकाश में आया हैं।जहाँ शिक्षकों के द्वारा विद्यालय शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्र-छत्राओं को दो बजे ही विद्यालय से छुट्टी कराकर घर भेज देते हैं।ऐसा एक बार ही नहीं शिक्षकों के द्वारा अनेक बार की गई हैं।जिससे ग्रामीणों में काफी आक्रोश देखी जा रही हैं।ग्रामीणों को कहना हैं की शिक्षकों की लापरवाही चरम सीमा पर हैं।जिससे विद्यालय में पढ़ाई करने छात्र- छत्राओं की भविष्य अंधकार की ओर चली जा रही हैं।फिर भी जिम्मेवार अधिकारिओं ने ऐसे शिक्षकों पर कार्रवाई नहीं करते हैं।और उल्टा संरक्षण देने का काम करते हैं।जिससे शिक्षकों की मनोबल और बढ़ती जा रही है।विद्यालय में चार शिक्षक कार्यरत हैं।जो एमड़ी जिलानी,मुजफ्फर इकबाल,सीताराम साव,सत्येंद्र सिंह शामिल हैं।लेकिन विद्यालय में दो ही शिक्षक सतेंद्र सिंह और सीताराम साव उपस्थित थे।बाकी दो शिक्षक एमड़ी जिलानी और मुजफ्फर इकबाल उपस्थित नहीं थे।विद्यालय की स्थिति जर्जर बनी हुई है।विद्यालय में कार्यरत शिक्षक प्रधानाध्यापक सह सचिव अपने कमियों को छुपाने के लिए विद्यालय के सिर्फ आगे वाला हिस्सा को रंग रोगन का कार्य कराई गई है।ताकि भ्रष्टाचार की बात छुप सके।इतना ही नहीं शौचालय की स्थिति जर्जर बनी हुई हैं।स्कूल के बरामदे टूटी-फूटी है। बच्चे टूटी फूटी बेंच पर पढ़ाई करने को मजबूर है।विद्यालय में रंग रोगन का कार्य नहीं कराई गई है।एमडी जिलानी और मुजफ्फर इकबाल की विद्यालय में हमेशा अनुपस्थित रहते हैं। आखिर ऐसा क्यों इन दोनों शिक्षकों को कानून से डर नहीं है क्या या किसी का संरक्षण प्राप्त है। अब जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

इस मामले में जिला शिक्षा अधीक्षक संदीप कुमार से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।आखिरकार मनातू प्रखंड के प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी परमेश्वर साहू ने कहा कि आमतौर पर सरासर गलत है।बच्चों को तीन बजे तक पढ़ना है। दो बजे छुट्टी कर दी गई है तो ऐसा क्यों जांच कर नियम संगत कार्रवाई की जाएगी।