मजदूर किसान महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पांकी-मेदिनीनगर मुख्य पथ को जाम कर किया विरोध प्रदर्शन
मजदूर किसान महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने पांकी-मेदिनीनगर मुख्य पथ को जाम कर किया विरोध प्रदर्शन
391 छात्र-छात्राओं को नहीं मिला प्रवेश पत्र, 25 फरवरी से होनी है 11वीं की परीक्षा
पांकी प्रखंड के डंडार कला स्थित मजदूर किसान इंटर महाविद्यालय के 11वीं कक्षा के छात्र-छात्राओं के द्वारा लगातार विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है, बीते चार दिनों से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने के बाद मंगलवार की दोपहर छात्र-छात्राओं के पांकी मदीनीनगर मुख्य पथ के बसडीहा में कई घंटे सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया गया, प्राप्त जानकारी के अनुसार 25 फरवरी से 11वीं की परीक्षा होनी है जहां नामांकित 391 छात्र-छात्राओं को (एडमिट कार्ड) प्रवेश पत्र नहीं मिला है, प्रवेश पत्र नहीं मिलने से नाराज छात्र-छात्राओं ने 21 फरवरी को भी महाविद्यालय के प्राचार्य अवध बिहारी सिंह के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया साथ ही कुछ दिन पूर्व नाराज छात्र-छात्राओं ने बसडीहा में भी मुख्य सड़क को कुछ देर के लिए जाम कर दिया था हालांकि जाम की सूचना प्राप्त होने के बाद मौके पर पहुंची पांकी पुलिस ने मामले को शांत कराते हुए जाम हटवाया एवं उन्हें न्याय का भरोसा दिलाया था, मामले के चार दिन बीत जाने के बाद भी कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने से नाराज छात्र-छात्राओं ने मंगलवार को पुनः सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया, मामले की जानकारी होने के तत्काल बाद मौके पर पहुंचे प्रखंड प्रमुख पंचम प्रसाद प्रखंड विकास पदाधिकारी ललित प्रसाद सिंह सांसद प्रतिनिधि समेत अन्य लोग छात्र-छात्राओं को समझने का काफी प्रयास किया लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं, सड़क जाम होने से सड़क पर कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार भी लग गई। मौके पर मौजूद छात्र-छात्राओं ने बताया कि 25 फरवरी से उनकी परीक्षा होनी है लेकिन 391 छात्र-छात्राओं को प्रवेश पत्र नहीं दिया गया जिससे वे बेहद नाराज है छात्र-छात्राओं को अपने भविष्य को लेकर चिंता सता रही है उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारी इस मामले में तत्काल संज्ञान लें एवं लिखित रूप से उन्हें संतोष जनक जवाब दें तभी आंदोलन समाप्त होगा उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें पूर्व में किसी तरह की कोई सूचना महाविद्यालय की ओर से नहीं दी गई थी जब महाविद्यालय में सीट निर्धारित था तो अधिक बच्चों का नामांकन क्यों लिया गया।
आपको बता दें कि महाविद्यालय में कला एवं विज्ञान संकाय के अलावे वाणिज्य संकाय में छात्रों की सीटें सीमित है बावजूद अधिक छात्रों का नामांकन लेना बड़ी लापरवाही है।
महाविद्यालय में नामांकन के समय छात्र-छात्राओं से 2700 रुपए एवं पंजीयन हेतु 1250 रुपए शुल्क भी लिए गए हैं, बावजूद 391 छात्र-छात्राओं को परीक्षा से वंचित करना कई सवालों को खड़ा कर रहा है परीक्षा से वंचित छात्र-छात्राओं एवं उनके परिजनों ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करने एवं संलिप्त लोगों पर कार्रवाई की भी मांग की है।
समाचार भेजे जाने तक धरना प्रदर्शन जारी था।

