मेराल में छठ का भव्य नजारा! घाटों पर उमड़ी भीड़
चार दिनों तक चलने वाला आस्था और श्रद्धा का महापर्व छठ पूजा पूरे मेराल प्रखंड में हर्षोल्लास और भक्ति भाव के साथ मनाया जा रहा है। पर्व के तीसरे छठव्रतियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को दूध एवं जल से अर्घ्य अर्पित किया। इस दौरान घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही और भक्ति मय वातावरण बना रहा। छठ व्रतियों द्वारा छठ पूजा का पारंपरिक गीत कांच ही बांस के बहगींया,मरबो रे सुगवा धनुष से,उगीहो उदित मल सहित कई तरह के गाया जा रहा है।
प्रखंड के विभिन्न उरिया नदी, सरस्वतीया नदी,बवई नदी, फुलवरीया नदी,कोयल नदी,दानरो नदी घाटों, मां शायर देवी धाम के पास शिवाला छठ घाट, तालाबों, जलाशयों तथा शिवालयों के प्रांगण में व्रतियों ने पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। सबसे ज्यादा भीड़ रेजो, मेराल गोंदा,हासनदाग, गेरुआ, बाना,अटौला,खोरीडीह, ओखरगाडा़ सहित कई गांवों में देखा गया। जहां महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सुसज्जित होकर छठ माता की आराधना में लीन दिखीं। व्रतियों ने कठिन निर्जला उपवास रखते हुए दंडवत प्रणाम कर छठ माता से परिवार की सुख-समृद्धि एवं समाज के कल्याण की कामना की।घाटों को स्थानीय प्रशासन थाना प्रभारी बिष्णु कांत एवं सीओ सह प्रभारी बीडीओ यशवंत नायक द्वारा देखरेख किया जा रहा है।स्थानिय ग्रामीणों के सहयोग से स्वच्छ एवं आकर्षक ढंग से छठ पंडाल सजाया गया था। सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही। जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। जगह-जगह रोशनी की विशेष व्यवस्था की गई थी, जिससे शाम के समय घाटों की सुंदरता और भी बढ़ गई।
छठ पर्व के इस अवसर पर लोकगीतों और भक्ति गीतों की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी इस पर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते नजर आए। अब व्रती चौथे दिन उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर इस पावन व्रत का पारण करेंगे।

