लातेहार में विश्व होम्योपैथी दिवस मनाया गया
लातेहार में विश्व होम्योपैथी दिवस मनाया गया
लातेहार जिला में विश्व होम्योपैथी दिवस 2026 का आयोजन बड़े उत्साह के साथ किया गया। इस वर्ष की थीम “सतत स्वास्थ्य के लिए होम्योपैथी रखी गई थी।आज 10 अप्रैल है, और दुनिया भर के साथ-साथ झारखंड के लातेहार जिले में भी विश्व होम्योपैथी दिवस की धूम रही। चिकित्सा की इस प्राचीन और सुरक्षित पद्धति के जनक डॉ. सैमुअल हैनीमैन की आज 271वीं जयंती है। इसी उपलक्ष्य में जिले के विभिन्न आयुष स्वास्थ्य केंद्रों और शैक्षणिक संस्थानों में से डॉ शालिनी डॉ अम्बे कुमारी, डॉ सुनिता,डॉ सागर
डॉ सुरभि, डॉ अपूर्वा , डॉ सुभांकुर,डॉ शशि विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
लातेहार के जिला आयुष कार्यालय और स्थानीय क्लिनिकों में कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. हैनीमैन के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर वक्ताओं ने होम्योपैथी को “मीठी गोलियों का जादू” बताते हुए इसे असाध्य रोगों के लिए एक प्रभावी और कम खर्चीला विकल्प बताया।इस साल आयुष मंत्रालय ने इस दिवस को ‘सतत स्वास्थ्य’ के संकल्प के साथ मनाने का आह्वान किया है। लातेहार में भी स्वास्थ्य जागरूकता रैलियां निकाली गईं, जिनका उद्देश्य लोगों को रसायनों से मुक्त और प्राकृतिक उपचार की ओर प्रेरित करना था। जिले के ग्रामीण इलाकों में नि:शुल्क चिकित्सा शिविर भी लगाए गए, जहाँ बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी जांच कराई और दवाइयां लीं। होम्योपैथी केवल लक्षणों का नहीं, बल्कि पूरे शरीर का उपचार करती है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लाइफस्टाइल से जुड़ी समस्याओं और पुराने रोगों के लिए यह सबसे सुरक्षित पद्धति है। लातेहार जैसे क्षेत्रों में जहाँ लोग सरल और प्रभावी इलाज चाहते हैं, वहां होम्योपैथी की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।

