किताब व विज्ञान उपकरण रखने के लिए नहीं खरीदा गया आलमीरा व टेबल, जमीन पर फेंका पड़ा है किताब व उपकरण, खा रहा है दीमक

महिला काॅलेज चतरा में पैसे का अजीब तरह का खेला हुआ है। चतरा महिला काॅलेज अब तक अपने नवनिर्मित भवन में शिफ्ट नहीं हुआ है। लेकिन काॅलेज के लिए छह माह पूर्व ही 50 लाख रुपए की किताब और विज्ञान उपकरणों की खरीददारी कर ली गई है। इसमें सबसे दिलचस्प बात यह है कि 50 लाख रुपए का किताब और विज्ञान उपकरण तो खरीद लिए गए लेकिन इन किताबों को सुरक्षित ढंग से रखने के लिए हजार दो हजार रुपए का आलमीरा और विज्ञान लेबल नहीं खरीदे गए। इसका दुष्परिणाम यह हुआ कि किताब और विज्ञान उपकरणों को जमीन पर यू हीं जैसे जैसे फेंक कर छोड़ दिया गया। पिछले लगभग एक डेढ़ वर्षों से किताब और विज्ञान उपकरण यू ही जमीन पर पड़ा पड़ा खराब हो रहा है। अब किताब और विज्ञान उपकरणों में दीमक लग चुका है। दीमक किताबों औकात विज्ञान उपकरणों को चट कर रहे हैं।

निवर्तमान प्रिंसिपल ने सेवानिवृत्ति के एक माह पहले खरीदी किताब और विज्ञान उपकरण

महिला काॅलेज चतरा के निवर्तमान प्रभारी प्रिंसिपल डॉ आरपी राय ने अपनी सेवानिवृत्ति के एक महीने पहले 50 लाख रुपए से किताब और विज्ञान उपकरणों की खरीददारी की है। प्रिंसिपल डॉ आरपी राय 31 जनवरी 2024 को सेवानिवृत्त हुए हैं। जबकि किताब की पहली खेप 22 नवंबर 2023 को मंगाई गई है। इस तिथि को सुबोध ग्रंथ नामक एजेंसी से किताब मंगाई गई है। इसके लिए एजेंसी को 20 लाख रुपए का भुगतान किया गया है। जबकि किताब की दूसरी खेप 5 दिसबंर 2023 को मंगाई गई है। यह किताब ज्ञान सागर नामक एजेंसी से ली गई है। इसके लिए एजेंसी को 19 लाख 60 हजार 228 रुपए का भुगतान किया गया है। जबकि विज्ञान उपकरण की खरीददारी प्रिंसिपल ने सेवानिवृत्ति के 20 दिन पूर्व किया है। विज्ञान उपकरणों की खरीददारी 10 जनवरी 2024 को किया गया है। इसके लिए एजेंसी को 10 लाख रुपए का भुगतान किया गया है।

सिलेबस से बाहर की भी पुस्तकों का हुआ है क्रय, जमकर हुई है कमीशन का खेल

महिला काॅलेज के ही एक शिक्षक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि पुस्तकों की खरीददारी में जमकर कमीशन का खेल हुई है। पुस्तकों के सप्लायर बड़े पैमाने पर पुस्तकों की खरीददारी करने पर 30 से 40 प्रतिशत तक का कमीशन देते हैं। बगैर रख रखाव व अपने भवन में शिफ्ट हुए बगैर पुस्तकों की खरीददारी किया जाना उनके समझ से बाहर की बात है। उन्होंने यह भी बताया कि खरीदे गए पुस्तकों की जांच हो तो कई चौकाने वाले तथ्य सामने आएंगे। सैंकड़ों की संख्या में सिलेबस से बाहर की पुस्तकों की खरीददारी कर ली गई है।

किताब और विज्ञान उपकरणों को चट कर रहे हैं दीमक : प्राचार्य

महिला काॅलेज के प्राचार्य डॉ डीएन राम ने कहा कि दो माह पूर्व उन्हें इस काॅलेज का प्राचार्य बनाया गया है। जब उन्होंने चार्ज लिया तो देखा कि काॅलेज के बंद कमरों में लाखों रुपए का किताब और विज्ञान उपकरण जमीन पर फेंके पड़े हैं। जिसमें दीमक लग रहा है। पूर्व प्राचार्य ने बगैर कोई रख रखाव की व्यवस्था किए लाखों रुपए का किताब और विज्ञान उपकरण खरीदा है। उन्होंने विश्वविद्यालय को इसकी जानकारी देते हुए विश्विद्यालय से किताबों और विज्ञान उपकरणों को रखने के लिए संसाधनों की मांग की है।

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