किसी ने सोचा न था मां-बेटे को इस तरह ले जाएगी मौत

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किसी ने सोचा न था मां-बेटे को इस तरह ले जाएगी मौत, इलाका सन्न

नई दिल्ली: सर्दियों में अंगीठी जलाकर सोने से होने वाली मौतों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला दक्षिणी दिल्ली के मैदानगढ़ी इलाके का है। रविवार को सर्दी से बचने के लिए कमरे में अंगीठी जलाकर सोये मां-बेटे की मौत हो गई, जबकि तीन लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। इस मामले की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची मैदानगढ़ी थाना पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने संबंधित धारा में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि दिनेश अपने परिवार के साथ मैदानगढ़ी इलाके में रहता है। परिवार में पत्नी अंजलि, बेटा 6 वर्षीय दिव्यांश, 4 वर्षीय बेटी देवांशी, बेटा 2 वर्षीय शंभु हैं। दिनेश फार्महाउस में माली का काम करता था और अंजलि हाउसवाइफ थी। दिनेश का परिवार पिछले दो साल से मैदानगढ़ी में किराये के मकान में ही रह रहा था। शनिवार रात को दिनेश ने हाथ सेंकने के लिए अंगीठी जलाई थी। रात को जब वह सोने के लिए गया तो अंगीठी को भी अपने साथ कमरे में ले गया। परिवार अंगीठी को कमरे में रखकर ही सो गया। कमरे में अंगीठी से निकलने वाली गैस के लिए वेंटीलेशन की व्यवस्था नहीं होने के चलते कमरे में गैस बन गई और पूरा परिवार उसकी चपेट में आ गया। रविवार सुबह जब उनका एक जानकार घर आया तो उसने देखा कि परिवार बेसुध अपने कमरे में पड़ा हुआ था और कमरे में ऑक्सीजन की कमी थी। मामले की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई और परिवार के सभी सदस्यों को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अस्पताल में अंजलि और शंभु की मौत हो गई, जबकि दिनेश और बाकी दोनों बच्चों का इलाज चल रहा है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि अस्पताल में भर्ती तीनों लोगो हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने पड़ोसियों के बयान पर केस दर्ज कर उनके परिवार के सदस्यों को सूचना दे दी है। फिलहाल अंजलि और शंभु के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सुरक्षित रखवा दिया गया है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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