केतार में विहंगम योग सत्संग, राधाकृष्ण सिन्हा ने बताए आध्यात्मिक साधना के भेद
ईश्वर प्राप्ति का आंतरिक भेद साधन बताते हैं सद्गुरु : राधाकृष्ण सिन्हा
केतार ब्रह्म विद्या विहंगम योग संस्थान झारखंड प्रदेश अध्यक्ष राधाकृष्ण सिन्हा के तीन दिवसीय गढ़वा जिला दौरे के दौरान आध्यात्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की गई। प्रथम दिन जिला मुख्यालय स्थित बंधन मैरेज हॉल में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने भाग लेकर अध्यात्म का अलख जगाया।
इसके साथ ही उत्क्रमित +2 उच्च विद्यालय बरडीहा के मैदान में आयोजित वृहद सत्संग कार्यक्रम में उपस्थित होकर उन्होंने विहंगम योग के ज्ञान और साधना का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। इस दौरान उन्होंने योग की पंचभूमि में द्वितीय एवं तृतीय भूमि की साधना के बारे में साधकों एवं साधिकाओं को जानकारी दी।
कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष राधाकृष्ण सिन्हा, उपाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह, महामंत्री ललित सिंह एवं अन्य पदाधिकारियों ने सामूहिक रूप से अखंड दीप प्रज्वलित कर सद्गुरु देव के चित्र पर माल्यार्पण किया। भारतीय नववर्ष के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में वृहद भंडारे का भी आयोजन किया गया।
मौके पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने देश के स्वतंत्रता संग्राम के नायकों भगत सिंह, सुखदेव एवं राजगुरु को श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं कार्यक्रम के दौरान भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी गई और साधकों ने अपने अनुभव साझा किए।
विहंगम योग ध्यान साधना के माध्यम से आंतरिक साधना के भेद को विस्तार से समझाया गया तथा जीवन के संस्मरण सुनाते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।
द्वितीय दिवस के क्रम में केतार प्रखंड के ताली गांव में सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां सेवा भाव, सद्गुरु की शक्ति एवं संकल्प पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस अवसर पर विवेक प्रसाद गुप्ता, संयोजक सुरेंद्र विश्वकर्मा, युवा मंत्री प्रो. अरविंद प्रसाद गुप्ता, जवाहर दुबे, रामव्रत �

