जनमत संग्रह में 94%छात्र युवाओं ने शिक्षा –रोजगार विरोधी मोदी सरकार को माना
यंग इंडिया रेफरेंडम (जनमत संग्रह) में 94%छात्र युवाओं ने शिक्षा –रोजगार विरोधी मोदी सरकार को माना!
ऑल इंडिया स्टूडेंटस एसोसिएशन आइसा के द्वारा पिछले दो महीना से मोदी सरकार का 10 साल यंग इंडिया के 10 सवाल, जुमला नहीं जवाब दो 10 साल का हिसाब दो के राष्ट्रीय अभियान चल रहा था।
इसी अभियान को आगे बढ़ते हुए देश भर के 50 से ज्यादा विश्वविद्यालय में 7 से 9 फरवरी तक यंग इंडिया रेफरेंडम आयोजित हुआ है । यह रेफरेंडम छात्र– युवाओ के मुद्दों पर हो रहा है . रेफरेंडम में तीन सवाल था।जो शिक्षा और रोजगार से जुड़ा हुआ है। जो इस प्रकार है। क्या हर साल हो रही बेताहाशा फीस वृद्धि छात्र –छात्राओं के लिए सही है? क्या मोदी सरकार ने हर जरूरतमंद छात्र– छात्राओं के लिए हॉस्टल और छात्रवृत्ति की पर्याप्त व्यवस्था की है? क्या मोदी सरकार ने अपने हर साल 2 करोड़ रोजगार देने का वादा पूरा किया है? जिसे हां और नहीं में जनमत संग्रह करना था। इसी अभियान के तहत 8 फरवरी को नीलांबर पीतांबर विश्वविद्यालय गणेश लाल अग्रवाल कॉलेज गेट पर सुबह 9:00 बजे से रेफरेंडम हो रहा था। रेफरेंडम कार्यक्रम में छात्र युवाओ की भागीदारी बढ़-चढ़कर हो रही थी। आज रेफरेंडम जीएलए कॉलेज गेट पर छात्र छात्राओं के बीच गिना गया जिसमें कुल वोट का 94%छात्र युवाओं ने मोदी सरकार को शिक्षा रोजगार विरोधी माना है। वही 3 तीन प्रतिशत छात्र युवा मोदी सरकार के पक्ष में दिए है और 3 प्रतिशत नही पता में दिए है।
मौके पर आइसा राज्य सचिव त्रिलोकी नाथ ने कहा कि छात्र युवाओं के मुद्दों पर यंग इंडिया जनमत संग्रह कर छात्र युवाओं का मुद्दा 2024 के चुनाव में तय हो इस लिहाज से यह जनमत संग्रह किया था। जनमत संग्रह से स्पष्ट हो गया कि देश में छात्र युवा शिक्षा –रोजगार चाहती है.शिक्षा रोजगार स्वास्थ्य के मुद्दे पर इस बार छात्र –युवा चुनाव में भाग लेगी। मोदी सरकार देश में मंदिर –मस्जिद हिंदू –मुसलमान, नफरत का बीज बोकर देश में सत्ता कब्जना चाहती है। इस बार 2024 के चुनाव में यंग इंडिया शिक्षा रोजगार के मुद्दों पर वोट करेंगे।
मौके पर आइसा जिला अध्यक्ष गुड्डू भुइयां, राज्य उपाध्यक्ष रंजित सिंह,जीएलए कॉलेज के प्रभारी अभय दांगी,सहित अन्य लोग मौजूद थे।
