झारखण्ड में अनुसूचित जाति आयोग का गठन नहीं होना निंदनीय:झारखण्ड क्रांति मंच

झारखण्ड क्रांति मंच के संस्थापक सह केन्द्रीय अध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने आज मेदिनीनगर में प्रेस बयान जारी कर कहा है कि झारखण्ड में इंडिया गठबन्धन की सरकार लगभग 70 लाख की आबादी वाले अनुसूचित जातियों के हितों पर कुठाराघात करते हुवे सरकार गठन के लगभग पांच महिने बाद भी अनुसूचित जाति आयोग का गठन नहीं कर मनुवादी एजेण्डे पर कार्य कर रही है,जो निंदनीय है।
जारी बयान में उन्होंने कहा है कि अनुसूचित जाति से आनेवाले छत्तरपुर के विधायक श्री राधाकृष्ण किशोर के राज्य में वित्त मंत्री बनने से एससी वर्गों में नवीन आशा का संचार हुआ था,लेकिन आजतक आयोग का गठन नहीं होने से गहन निराशा व्याप्त हो गई है।
बयान में उन्होंने कहा है कि नये विधान सभा भवन में आजतक संविधान निर्माता परमपूज्य बोधिसत्व बाबा साहेब डा० बी०आर०अम्बेडकर साहेब की प्रतिमा व तस्वीर नहीं लगाई गई है।राज्य के अबतक गठित तमाम बोर्ड व निगमों में अनुसूचित जाति का प्रतिनिधित्व जानबूझकर शून्य रखा गया है।यह सरकार के पूर्वाग्रह का परिणाम है कि अनुसूचित जातियों के उत्थान के लिए बजटीय प्रावधान के तहत आवंटित धनराशि को निर्लज्जतापूर्वक दूसरे मद में तब्दील कर हमें अंगूठा दिखलाया जा रहा है,जिसे अब बर्दास्त नहीं किया जाएगा।
उपरोक्त सभी मामलों में सरकार के खिलाफ आन्दोलन की तैयारी के लिए आगामी 27 जुलाई को पुराना विधान सभा के मिटींग हाल में सभी अजा के विभिन्न उपजातियों की बैठक होगी।