जगन्नाथ मंदिर के गर्भगृह में चूहे-कॉकरोच की मौजूदगी से चिंता, स्थायी समाधान की तैयारी

जगन्नाथ मंदिर के गर्भगृह में चूहे-कॉकरोच की मौजूदगी से चिंता, स्थायी समाधान की तैयारी

श्रीमंदिर प्रशासन ने की बैठक, भगवान की प्रतिमा की सुरक्षा को लेकर मंथन

पुरी। ओडिशा के विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ मंदिर के गर्भगृह में चूहों और कॉकरोच की मौजूदगी ने सेवायतों और मंदिर प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। आशंका है कि इनसे भगवान जगन्नाथ की पवित्र प्रतिमा को किसी प्रकार का नुकसान पहुंच सकता है। समस्या के स्थायी समाधान के लिए मंदिर प्रशासन ने पहल शुरू कर दी है।

इसी सिलसिले में शुक्रवार को श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) कार्यालय में बैठक आयोजित की गई। बैठक में गर्भगृह में चूहों और कॉकरोच की समस्या से निपटने के उपायों पर चर्चा की गई।

मंदिर से जुड़े सूत्रों के अनुसार, गर्भगृह की पवित्रता और धार्मिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए ऐसा समाधान तलाशा जा रहा है, जिससे भगवान की प्रतिमा को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे और मंदिर की पारंपरिक व्यवस्थाएं भी प्रभावित न हों।

प्रशासन का उद्देश्य केवल तत्काल रूप से चूहों और कॉकरोच को नियंत्रित करना नहीं, बल्कि इस समस्या का स्थायी और सुरक्षित समाधान तलाशना है। इसके लिए विशेषज्ञों की राय और मंदिर की निर्धारित परंपराओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई किए जाने पर विचार किया जा रहा है।