गुमला में रसोई गैस आपूर्ति पर जिला प्रशासन सख्त, कल 2:30 बजे होगी अहम बैठक

गुमला में रसोई गैस आपूर्ति पर जिला प्रशासन सख्त, कल 2:30 बजे होगी अहम बैठक

गुमला। जिले में घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर उत्पन्न स्थिति पर अब जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी के निर्देश पर सभी संबंधित अधिकारियों और गैस एजेंसियों के प्रबंधकों की एक महत्वपूर्ण बैठक शुक्रवार, 13 मार्च को अपराह्न 2:30 बजे आयोजित की जाएगी। यह बैठक गूगल मीट के माध्यम से होगी।

इस संबंध में जिला आपूर्ति पदाधिकारी द्वारा जारी पत्र में अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी तथा जिले की सभी गैस एजेंसियों के प्रबंधकों को अनिवार्य रूप से बैठक में शामिल होने का निर्देश दिया गया है। पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि वर्तमान समय में रसोई गैस की उपलब्धता, उपभोक्ताओं की बढ़ती जरूरत, एलपीजी की संभावित कालाबाजारी तथा आपूर्ति में आ रही व्यावहारिक समस्याओं के समाधान को लेकर यह बैठक आयोजित की जा रही है।

दरअसल पिछले दो-तीन दिनों से गुमला जिले में रसोई गैस की आपूर्ति अनियमित हो जाने के कारण उपभोक्ताओं के बीच बेचैनी बढ़ गई है। कई गैस एजेंसियों में ग्राहकों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। हालांकि एजेंसी संचालकों का कहना है कि गैस की कोई वास्तविक कमी नहीं है, बल्कि हाल में लागू किए गए नियमों के कड़ाई से अनुपालन के कारण आपूर्ति प्रक्रिया में कुछ कठिनाइयाँ उत्पन्न हो रही हैं।

नई व्यवस्था के तहत गैस की आपूर्ति ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) के माध्यम से की जा रही है। इसके लिए उपभोक्ताओं के आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाता है और उसके सत्यापन के बाद ही सिलेंडर की डिलीवरी संभव हो रही है। साथ ही जिन उपभोक्ताओं की केवाईसी (नो योर कस्टमर) प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, उनकी गैस आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है।

विभागीय निर्देशों के अनुसार एक सिलेंडर की आपूर्ति के 25 दिनों के बाद ही दूसरे सिलेंडर की बुकिंग संभव होगी। इन नियमों के सख्ती से पालन के कारण जिले की विभिन्न गैस एजेंसियों में केवाईसी कराने के लिए सुबह से शाम तक भीड़ लगी हुई है। कई बार सर्वर डाउन या लिंक फेल होने से प्रक्रिया बाधित हो रही है, जिससे उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ रही है। एजेंसियों पर बढ़ते दबाव के कारण कई स्थानों पर समय से पहले काउंटर बंद किए जाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।

दूसरी ओर व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति भी प्रभावित बताई जा रही है। मांग के मुकाबले कम आपूर्ति होने से होटल-रेस्टोरेंट के साथ-साथ सरकारी स्कूलों में संचालित मध्याह्न भोजन योजना पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

इधर भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के जोनल हेड अमन मित्तल ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल रसोई गैस की किसी प्रकार की कोई कमी नहीं है और लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि पर्याप्त मात्रा में गैस उपलब्ध है और आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि अब गैस सिलेंडर की आपूर्ति किसी सार्वजनिक प्वाइंट पर करने के बजाय सीधे होम डिलीवरी के माध्यम से की जाएगी। प्वाइंट डिलीवरी को अवैध करार देते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी शिकायत मिलने पर संबंधित एजेंसी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अमन मित्तल ने यह भी कहा कि जिन उपभोक्ताओं ने गैस बुकिंग कराई है, उन्हें उनके बुकिंग नंबर के क्रम में ही सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा।

ओटीपी प्राप्त होने के दो दिनों के भीतर उपभोक्ता के घर तक गैस की अनिवार्य डिलीवरी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिले में गैस आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच प्रशासन की शुक्रवार को होने वाली यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं को राहत देने और व्यवस्था को सुचारू बनाने की दिशा में ठोस निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।