गुमला में मासिक अपराध समीक्षा बैठक, लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के निर्देश
गुमला पुलिस की मासिक अपराध समीक्षा: पर्व–चुनाव सुरक्षा, गंभीर अपराधों पर सख्ती और लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के निर्देश
गुमला। पुलिस अधीक्षक हरीश बिन जमा की अध्यक्षता में पुलिस अधीक्षक कार्यालय, चंदाली स्थित सभागार में मासिक अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय/प्रशिक्षु), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (गुमला/चैनपुर/बसिया), अंचल निरीक्षक (गुमला/चैनपुर/बसिया/सिसई), परिवहन पुलिस केंद्र के पदाधिकारी, सभी थाना प्रभारी तथा शाखा प्रभारी उपस्थित रहे।
बैठक की शुरुआत माननीय उच्च न्यायालय के उस आदेश पर चर्चा से हुई, जिसमें न्यायालय में कांड दैनिकी समय पर जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक ने इसके शत-प्रतिशत अनुपालन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।
पर्वों व नगरपालिका चुनाव को लेकर विशेष सतर्कता
आगामी नगरपालिका आम चुनाव तथा होली, सरहुल/ईद और रामनवमी जैसे पर्वों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए क्षेत्र में गश्त बढ़ाने, संवेदनशील स्थानों की निगरानी और समन्वित पुलिसिंग पर बल दिया गया।
गंभीर अपराधों की बिंदुवार समीक्षा
हत्या, बलात्कार, अपहरण, पॉक्सो (बाल लैंगिक अपराध संरक्षण अधिनियम) और अनुसूचित जाति–जनजाति अत्याचार से जुड़े मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई। लूट और गृहभेदन की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सक्रिय रणनीति बनाने के निर्देश दिए गए।
लंबित वारंट, कुर्की–इश्तेहार का त्वरित निष्पादन
लंबित एवं स्थायी वारंट, कुर्की और इश्तेहार की कार्रवाई को प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध निष्पादन का निर्देश दिया गया। सूचना का अधिकार अधिनियम और जन शिकायत निवारण से जुड़े लंबित आवेदनों को भी शीघ्र निपटाने पर जोर रहा।
तकनीकी प्रणालियों के प्रभावी उपयोग के निर्देश
ई–डार (दुर्घटना डाटा अभिलेख प्रणाली)
डायल 112 (आपातकालीन सहायता सेवा)
ई–साक्ष्य (डिजिटल साक्ष्य प्रबंधन)
सुदर्शना (पुलिस निगरानी प्रणाली)
गांडीव अनुप्रयोग (पुलिस कार्य मॉनिटरिंग)
इन सभी प्रणालियों की समीक्षा कर इनके प्रभावी उपयोग के निर्देश दिए गए। पारपत्र/चरित्र सत्यापन से जुड़े मामलों को समय पर पूरा करने को कहा गया।
नशा, मानव तस्करी, डायन प्रथा पर जागरूकता
अवैध मादक पदार्थों की बिक्री व तस्करी पर सख्त कार्रवाई के साथ आमजनों के बीच जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। डायन प्रथा, मानव तस्करी, पलायन और महिलाओं से जुड़े अपराधों की रोकथाम के लिए थाना स्तर पर विशेष जनजागरण कार्यक्रम चलाने को कहा गया।
सड़क सुरक्षा और एंटी–क्राइम वाहन जांच
सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि वे बिना हेलमेट, शराब सेवन कर वाहन चलाने, तेज और लापरवाही से ड्राइविंग करने वालों पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई करें। साथ ही स्थान और समय बदल-बदल कर अपराध निरोधक वाहन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
नक्सल गतिविधि, अवैध खनन और अपराधियों पर निगरानी
क्षेत्र में नक्सल/अपराधियों के विरुद्ध आसूचना संकलन बढ़ाने, अवैध खनन पर रोक लगाने और जमानत पर छूटे अपराधियों की निरंतर निगरानी रखने को कहा गया।
बैठक के अंत में जिन थाना प्रभारियों/पदाधिकारियों का प्रदर्शन औसत से कम पाया गया, उन्हें चेतावनी दी गई, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वालों को प्रोत्साहित किया गया। पुलिस अधीक्षक ने समयबद्ध, परिणामोन्मुख और जवाबदेह पुलिसिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया।



