“गिरिडीह की बेटियों की शक्ति बनी पहचान: पूनम बर्नवाल के नेतृत्व में अनूठा शस्त्र प्रदर्शन, रामनवमी पर दिखा अद्भुत नजारा”

रामनवमी के पावन अवसर पर आज गिरिडीह में एक अद्भुत और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जहां सैकड़ों बालिकाओं ने शस्त्र संचालन (तलवार एवं लाठी) का भव्य प्रदर्शन कर अपनी शक्ति, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का परिचय दिया। इस पूरे आयोजन का नेतृत्व कुटुंब प्रबोधन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की राज्य सदस्य श्रीमती पूनम बर्नवाल द्वारा किया गया, जो पिछले 5 वर्षों से लगातार इस अनूठी पहल का सफल संचालन कर रही हैं।

सुबह शोभायात्रा की शुरुआत विवाह भवन से हुई, जो टावर चौक होते हुए कालीबाड़ी चौक और अंततः बड़ा चौक पहुंची। इस दौरान भगवा साफा पहने बालिकाओं ने तलवारबाजी और लाठी कला का शानदार प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में आमजन एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

इस भव्य आयोजन के साक्षी गिरिडीह के उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक सहित कई प्रशासनिक अधिकारी बने, जिन्होंने बालिकाओं के साहस और कौशल की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में पुरस्कार वितरण भी किया गया, जिससे प्रतिभागियों का उत्साह और बढ़ा।

शाम को पुनः भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जो विवाह भवन से प्रारंभ होकर टावर चौक पहुंची। इसके पश्चात कालीबाड़ी चौक स्थित आरएसएस मंच के सामने बालिकाओं ने तलवारबाजी एवं लाठी संचालन की अद्भुत प्रस्तुति दी, जिसने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इस दौरान कालीबाड़ी चौक पर हनुमान चालीसा, गायत्री मंत्र एवं महामृत्युंजय मंत्र का श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ सामूहिक पाठ भी किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में गिरिडीह की महापौर प्रमिला मेहरा उपस्थित रहीं। विशिष्ट अतिथियों में चंचल भदानी, रिया अग्रवाल, पुष्पा सिन्हा, विनय कुमार सिंह, सुपरवाइजर किरण राज तथा गायत्री परिवार से कामेश्वर सिंह एवं पुष्पा शक्ति शामिल रहे।

इस आयोजन की सबसे विशेष बात यह रही कि श्रीमती पूनम बर्नवाल के मार्गदर्शन में पिछले 10 दिनों से अधिक समय तक 300 से अधिक बालिकाओं को विवाह भवन (झंडा मैदान के समीप) में शस्त्र प्रशिक्षण दिया गया। यह पहल न केवल बालिकाओं को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक कर रही है, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का भी विकास कर रही है।

गौरतलब है कि इस प्रकार का आयोजन, जहां इतनी बड़ी संख्या में बालिकाएं शस्त्र प्रशिक्षण लेकर रामनवमी शोभायात्रा में प्रदर्शन करती हैं, संभवतः देश के किसी भी जिले में इस स्तर पर देखने को नहीं मिलता।

श्रीमती पूनम बर्नवाल का यह प्रयास आज गिरिडीह के लिए गर्व का विषय बन चुका है, जो समाज में नारी सशक्तिकरण का एक सशक्त उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।