एनपीयू कुलपति का पुतला दहन, वित्तीय अनियमितताओं की जांच व एफआईआर की मांग

एनपीयू कुलपति का पुतला दहन, वित्तीय अनियमितताओं की जांच व एफआईआर की मांग

मेदिनीनगर। नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय (एनपीयू) में कथित वित्तीय अनियमितताओं, प्रशासनिक अव्यवस्था एवं छात्रहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर आपसू, एनएसयूआई एवं जेसीएम के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान छात्र नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने एनपीयू कुलपति का प्रतीकात्मक पुतला दहन कर विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताया।

प्रदर्शन के दौरान छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय के वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। छात्र नेताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय छात्रों के भविष्य और सार्वजनिक धन से जुड़ी महत्वपूर्ण संस्था है। ऐसे में खरीद, भुगतान, स्वीकृति समेत सभी वित्तीय प्रक्रियाओं में नियमों का पालन और पारदर्शिता आवश्यक है।

संगठनों ने कहा कि विश्वविद्यालय में सामने आए विभिन्न वित्तीय मामलों को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। छात्र नेताओं के अनुसार, इन मामलों की जांच से संबंधित ऑडिट रिपोर्ट भी सामने आ चुकी है। ऐसे में यदि जांच अथवा ऑडिट में किसी अधिकारी या कर्मचारी की वित्तीय अनियमितता अथवा सार्वजनिक धन के नुकसान में जिम्मेदारी प्रमाणित होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

छात्र संगठनों ने राज्य सरकार एवं राजभवन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, वित्तीय अनियमितता प्रमाणित होने पर जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने तथा सार्वजनिक धन की वसूली सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही खरीद एवं भुगतान से संबंधित अभिलेखों को सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई गई।

आपसू, एनएसयूआई एवं जेसीएम नेताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं, बल्कि छात्रों और समाज की सार्वजनिक संस्था है। इसलिए विश्वविद्यालय के प्रत्येक निर्णय में नियम, पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्रहित को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन किसी व्यक्तिगत द्वेष के लिए नहीं, बल्कि “क्लीन कैंपस और भ्रष्टाचार मुक्त विश्वविद्यालय” की मांग को लेकर है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा।

प्रमुख मांगें

  • विश्वविद्यालय के वित्तीय मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
  • खरीद एवं भुगतान से संबंधित अभिलेखों को सार्वजनिक किया जाए।
  • वित्तीय अनियमितता प्रमाणित होने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
  • सार्वजनिक धन की वसूली सुनिश्चित की जाए।
  • विश्वविद्यालय में वित्तीय एवं प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
  • छात्रों से जुड़े शैक्षणिक एवं प्रशासनिक मामलों का शीघ्र समाधान किया जाए।

प्रदर्शन में आपसू के राहुल दुबे, कमलेश कुमार पाण्डेय, रतन दुबे, सानिया अग्रवाल, राज नेहा चौबे, प्रिया प्रजापति एवं अभय चौरसिया, एनएसयूआई के अमरनाथ तिवारी, रिशु राज दुबे, मोहित राज एवं सत्यप्रकाश तथा जेसीएम के कौशल किशोर, सौरभ पाठक, दिनेश एवं फैजल समेत सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

जारीकर्ता:
आपसू | एनएसयूआई | जेसीएम
नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय, मेदिनीनगर