एक शाम महजूर शम्सी के नाम
एक शाम महजूर शम्सी के नाम
दिनांक 08 फरवरी 2024 दिन गुरुवार स्थानीय उर्दू लाइब्रेरी में एदाराए – ए – फिक्रो अदब के तत्वाधान में उर्दू अदब के मशहूर साहित्यकार पलामू के गौरव महजुर शम्सी की 50 वीं
पुण्यतिथि के अवसर पर
” एक शाम महजूर शम्सी के नाम”
मुशायरे का आयोजन कर उन्हे भावभीनी
श्रद्धांजलि दी गई l
इसकी अध्यक्षता मुस्तफा बल्ख़ी
ने की तथा संचालन अरशद क़मर
के द्वारा किया गया
मुशायरे में अरशद क़मर ने महजुर शम्सी की
जीवन एवम उनकी रचनाओं पर प्रकाश डाला
नसीम रियाज़ी एवम मोहम्मद फारूक
ने हम्द एवं नात पेश किया l
इसके बाद महजूर शम्सी की रचनाएँ मोहम्मद इस्तेखार, मनीष कुमार,
तथा अदनान काशिफ ने अपने मधुर स्वर मे पेश कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया l
शायर हजरात में
नुदरत नवाज़ ने कहा _ धुंद मे डूबी सहर देखते रह गए,
अपना नेज़े पे सर देखते रह गए l
इमरान शाद _ आइना के जैसा बनने का ख्वाब रखता हूं
अब तो जिंदगी का सारा हिसाब रखता हूं
सुभान शहज़ादा – खूने दिल से कोई मशाल ही जलाओ यारो,
इतने खामोश हो क्यों कुछ तो बताओ यारो l
डॉ अशरफ जमाल_चराग़ दिल को जला के हमने जो बामोदर पर रख दिया है,
इसी से महफिल में होगी रौनक़ इसी से रोशन जहां करेंगे
अतहर मोबीन कुरैशी _ माना दिल में रहता था देख सका न कैसा था,
भूल गया है सब रिश्ते वह जो कल तक अपना था l
एम ०जे o अज़हर _मेरे साथ चलने वाला मेरे साथ हां नहीं है,
कोई हमसफ़र नहीं है कोई हम ज़ुबाँ नहीं है
नौशाद अहमद खां _खुश्क आंखों ने भी मौजों को मचलते देखा,
यानी सहराओं में दरिया को उतरते देखा
डॉ इंतेखाब असर _ महफिले शेरो सुखन के नूर थे ,
शायरी के फन में जो मशहूर थे,
बोलिए वह कौन थे रूहे ग़ज़ल ,
और वह कोई नहीं महजूर थे l
अरशद क़मर_गुज़रे हैं इस शहर में इक शायरे शीरी कलाम,
सुन के जिनके शेर को, सब झूमते थे खासो आम l
नसीम रियाज़ी _बन गया कतरा समंदर देखिए,
इसको कहते है मुकद्दर देखिए l
शमीम जोहर _सुलगती आग में खामोश शबनमी देखी,
बहार में भी खज़ाओ की ताज़गी देखी
इन शायरो के अतिरिक्त आनंद कुमार गुप्ता, प्रेम प्रकाश,डॉ तसलीम आरिफ़ ने भी रचनाएँ पेश की l
इस मुशायरे में बड़ी संख्या में श्रोताओं ने भाग लिया,
जिनके नाम इस प्रकार हैं,
डॉ अरशद जमाल, रूफ़ी क़ादरी, सफ्फू ख़ान, इमरान नाजिश, खुर्शीद ख़ान, तौफिक अहमद, मोहम्मद सैफ अली, मोहम्मद हाशिम ख़ान, शकील ख़ान, अरशद जमाल गुडु, मोहम्मद अमजद ख़ान, मासूम आर्ट ग्रुप के संस्थापक सैकत चट्टोपाध्याय, कामरूप प्रसाद सिन्हा, अमर कुमार, नसीम अहमद, आदि ने शिरकत की l
