“ईद, सरहुल और रामनवमी पर हाई अलर्ट | CM हेमंत सोरेन के सख्त निर्देश”
माननीय मुख्यमंत्री, श्री हेमंत सोरेन ने आगामी ईद/सरहुल एवं रामनवमी पर्व के मद्देनजर राज्य में विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु सभी उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की, दिए जरूरी दिशा-निर्देश…
माननीय मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी पर्व आपसी सौहार्द, शांति और भाईचारे के वातावरण में संपन्न हों, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय रहें…
गिरिडीह, 19 मार्च 2026:- माननीय मुख्यमंत्री, श्री हेमंत सोरेन ने आगामी ईद/सरहुल एवं रामनवमी पर्व के मद्देनजर राज्य में विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने हेतु सभी उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों, पुलिस प्रशासन एवं जिला पदाधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान माननीय मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी पर्व आपसी सौहार्द, शांति और भाईचारे के वातावरण में संपन्न हों, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय रहे। उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी रखी जाए। पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित की जाए तथा गश्ती व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए और कहा कि किसी भी भ्रामक सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जाए, ताकि शांति व्यवस्था प्रभावित न हो। बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि पर्वों के दौरान जुलूसों के निर्धारित मार्गों का कड़ाई से पालन कराया जाए। बिना अनुमति के किसी भी प्रकार के आयोजन पर रोक लगाई जाए। साथ ही, स्थानीय प्रशासन को शांति समिति की बैठकें आयोजित कर दोनों समुदायों के लोगों के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया, ताकि आपसी संवाद के माध्यम से किसी भी विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो। माननीय मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य एवं आपात सेवाओं को भी अलर्ट मोड में रखने को कहा, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। उन्होंने बिजली, पेयजल एवं साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त रखने पर भी जोर दिया, जिससे आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। रामनवमी जुलूस के दौरान महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विशेष सुरक्षित स्थान निर्धारित किए जाएंगे। प्रशासन द्वारा बैरिकेडिंग, महिला पुलिस बल की तैनाती एवं निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि वे बिना किसी भय के सुरक्षित और सहज वातावरण में पर्व में शामिल हो। अंत में मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को जिम्मेदारीपूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का निर्देश देते हुए कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि सभी पर्व शांति, सुरक्षा और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हों। इसके लिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

