दिशोम गुरु केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा थे : शरीफ

गढ़वा : एएनजी मेनपावर सोल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के गढ़वा कार्यालय परिसर में झारखंड आंदोलन के प्रणेता और दिशोम गुरु शिबू सोरेन की जयंती श्रद्धा, सम्मान और सामाजिक सरोकार के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में झामुमो के जिला सचिव सह गढ़वा जिला मुखिया संघ के अध्यक्ष शरीफ अंसारी मुख्य अतिथि के रूप में, जबकि झामुमो प्रखंड अध्यक्ष फुजैल अहमद विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन कंपनी के स्टेट हेड प्रदीप चौधरी ने किया। मौके पर सामाजिक सरोकार का परिचय देते हुए कंपनी द्वारा हाल ही में भर्ती किए गए 150 मजदूरों के बीच कंबल, तिलकुट एवं चूड़ा का वितरण किया गया कार्यक्रम की शुरुआत दिशोम गुरु शिबू सोरेन के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। मौके पर शरीफ अंसारी ने कहा कि दिशोम गुरु केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा थे। उन्होंने जीवनभर शोषित, वंचित और गरीब वर्ग के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। महाजनी प्रथा और अन्य शोषणकारी व्यवस्थाओं के खिलाफ उनके आंदोलन ने आदिवासी और मूलवासी समाज को नई पहचान और अधिकार दिलाए। उनके संघर्ष का ही परिणाम है कि झारखंड अलग राज्य के रूप में अस्तित्व में आया और आज यहां गरीबों, मजदूरों व कमजोर वर्गों के लिए योजनाएं लागू हो रही हैं फुजैल अहमद ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन संघर्ष, त्याग और सामाजिक न्याय की मिसाल है कार्यक्रम में कंपनी कर्मचारियों अंकित पटेल, वीरेंद्र पाल, रघुवंश चौधरी रिची दुबे सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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