धरती आबा के जयंती पर भाकपा माले का पैदल मार्च

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धरती आबा के जयंती पर भाकपा माले का पैदल मार्च

आज मंगलवार को भाकपा माले ने तरहसी और नीलांबर पितांबरपुर के कइ गांवों में बैठक कर क्षेत्र की जनसमस्याओं पर विचार विमर्श कर लोगों को जागरूक करने हेतु जनसंपर्क अभियान चलाया ।इस अभियान में झारखंड आंदोलनकारी मोर्चा के कामरेड बिंदेश्वर मेहता हुल झारखंड क्रांति दल के झारखंड प्रदेश उपाध्यक्ष कामरेड चंद्रधन महतो अखिल भारतीय किसान महासभा के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष कामरेड बीएन सिंह कामरेड शिवनाथ महतो कामरेड रीना देवी कामरेड कबूतरी देवी रूदा देवी कविता सिंह दिव्या भगत अभिषेक जी कमेश सिंह चेरो सहित कई लोग शामिल थे ।
बैठक में 15 नवंबर 2023 को नीलांबर पितांबरपुर के शाहिद नीलांबर पीतांबर की समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित कर पैदल यात्रा शुरू किया जायेगा जो मेदनीनगर स्टेशन चौक स्थित धरती आबा बिरसा मुंडा के प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे, इसके बाद कचहरी परिसर में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे। माले नेताओं ने कहा कि झारखंड राज्य अलग हुए 23 वर्ष हो गया , लेकिन इस राज्य के जल जंगल जमीन की रक्षा के लिए जान देने वाले आंदोलन कारी के घर परिवार को दो रोटी नसीब नहीं हुआ। इस बैठक में अखिल भारतीय किसान महासभा के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष कां बीएन सिंह ने कहा की झारखंड अलग राज्य के लिए जल जंगल जमीन पर यहां के लड़ने वाले योद्धाओं को हक मिले ,लेकिन इस नीलांबर पीतांबर की धरती ,सिधू कानू के धरती ,बिरसा मुंडा की धरती पर झारखंड वासियों को कुछ नहीं मिला ।15 नवंबर 2023 को केंद्र की मोदी सरकार बिरसा मुंडा के गांव आ रहे हैं झारखंड राज्य में सबसे ज्यादा भाजपा की सरकार रही है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस राज्य के विकास के लिये बड़े-बड़े वादे किए थे किन्तु प्रधानमंत्री के वादे के वावजूद राज्य का अपेक्षित विकास नही हुआ।आज भी झारखंड में पलायन बेरोजगारी भुखमरी चरम पर है ।प्रधानमंत्री राज्य के विकास के लिये नही अपितु 2024 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर नरेंद्र मोदी फिर झारखंड में जुमलेबाजी करने आ रहे हैं ।जिसका भाकपा माले कड़ी शब्दों में निंदा किया करता है।वहीं हुल झारखंड क्रांति दल के झारखंड प्रदेश उपाध्यक्ष कामरेड चंद्रधन महतो ने कहा की झारखंड वासियों की अलग राज्य से सपना तो पूरा नहीं हुआ लेकिन झारखंड अलग राज्य के विरोधी राजनेताओं को सपना पूरा हो गया ।उन्होंने कहा कि झारखंडराज अलग करने के लिए लाखों लोगों ने कुर्बानियां दी और लाखों लोगों ने जेल में जाकर प्रताड़ना के शिकार हुये।इन आंदोलन कारियों से झारखंड सरकार जो वादा किया था कि आंदोलनकारी को पेंशन से लेकर सारी सुविधा दी जाएगी वह झूठा साबित हो रहा है पलामू प्रमंडल सहित पूरे राज्य में अकाल की भी विभीषिका मजदूर किसान झेल रहे हैं लेकिन ना तो केंद्र सरकार की कोई चिंता है ना ही राज सरकार की। उन्होंने कहा की सभी सामाजिक संगठनों को मिलकर इस मजदूर किसान विरोधी सरकार के खिलाफ धरती आबा बिरसा मुंडा के जयंती पर संकल्प लेकर आंदोलन की बिगुल फूकना चाहिए ।इस अवसर पर कामरेड बीएन सिंह ने15 नवंबर को भारी संख्या में नीलांबर पितांबरपुर पहुंचकर पदयात्रा में शामिल होने का आह्वान किया।

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